वाराणसी: अपर सत्र न्यायालय (द्रुतगामी) के न्यायाधीश मनोज कुमार द्वितीय की अदालत ने थाना चेतगंज में दर्ज मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में अभियुक्त रजत यादव पुत्र कुलभूषण यादव निवासी रामकटोरा थाना चेतगंज वाराणसी की ओर से प्रस्तुत अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए अग्रिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
""बचाव पक्ष की ओर से अदालत मे अधिवक्ता अविनाश गुप्ता ने पक्ष रखा""
👉 अभियोजन के अनुसार कबीरचौरा वाराणसी निवासी श्याम नारायण तिवारी ने तहरीर दिया कि उसके घर के सामने उसका ससुराल है, रजत यादव और उसके साथियों ने मिलकर उसे मारा,उस पर जानलेवा हमला किया है और उसे गोली मारने की धमकी भी दे रहा है। रजत यादव उसके साथियों ने मिलकर उसे मारे हैं, उसके मुंह पर बहुत छोटे लगी है बाई आंख सूज गई है खून बह रहा है।
👉 अभियुक्त की ओर से अदालत में विद्वान अधिवक्ता द्वारा तर्क दिया गया कि अभियोजन कथानक सरासर झूठ व गलत है। प्रार्थी उपरोक्त मुकदमे के धारा का कोई अपराध कारित नहीं किया है। सत्य यह है कि वादी मुकदमा के घर के ठीक सामने प्रार्थी का ससुराल है प्रार्थी अपने ससुराल आता जाता रहा है वादी मुकदमा व उसकी पत्नी संगीता देवी प्रार्थी के ससुराल वालों से रंजिशन जलन की भावना रखते हैं दिनांक 8 नवंबर 2024 को प्रार्थी के ससुराल वालों को वादी मुकदमा व उसकी पत्नी द्वारा गाली-गलौज व अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मारपीट किया गया था, जिसका वीडियो रिकॉर्डिंग बतौर साक्ष्य उपलब्ध है, प्रथम सूचना रिपोर्ट काफी सोच समझकर प्रार्थी के मान मर्यादा व प्रतिष्ठा को धूमिल करने के उद्देश्य से अपने प्रभाव का प्रयोग कर थाना चेतगंज वाराणसी की पुलिस से मिलकर मुकदमा दर्ज कराई गई है प्रार्थी के ससुराल वालों व पड़ोसी वादी मुकदमा के बीच विवाद होने के कारण वादी मुकदमा द्वारा अपने रसुख का प्रयोग करते हुए झूठा मुकदमा प्रार्थी के विरुद्ध करा दिया गया।
