वाराणसी: सत्र न्यायालय के न्यायाधीश संजीव पांडेय की अदालत ने थाना राजातालाब में दर्ज घर में घुसकर मारपीट व तोड़फोड़ करने के मामले में अभियुक्तगण अवनीश उर्फ बऊ वर्मा उर्फ अविनाश पुत्र सुन्दर वर्मा व सुन्दर वर्मा पुत्र स्व० अलगू वर्मा निवासीगण ग्राम कनकपुर थाना राजातालाब जिला वाराणसी कि ओर से प्रस्तुत अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
""अदालत में बचाव पक्ष कि ओर से फौजदारी अधिवक्ता श्रीकांत प्रजापति व संजय कुमार विश्वकर्मा ने पक्ष रखा""
👉 अभियोजन के अनुसार वादी जगन्दू ने थाना राजातालाब में तहरीर दिया कि दिनांक 07-12-2021 को समय करीब 6:20 शाम को पुरानी रंजिश को लेकर उसके पडोसी भोलेनाथ वर्मा, राजू वर्मा, अवनीश उर्फ बऊ वर्मा, सूरज वर्मा, लवकुश वर्मा, अनुज वर्मा, श्रेयांश वर्मा, अरून वर्मा,सुन्दर वर्मा, लोलारख वर्मा, अभय वर्मा, काशी वर्मा, प्रिंस वर्मा, लवकुश वर्मा व कन्नैया लाल वर्मा एक राय होकर गाली-गुप्ता देते हुए घर में घुसकर मारने-पीटने लगे और वादी का टीन शेड टोड़ दिए। शोर मचाने पर गांव के लोगों ने देखा और बीच-बचाव किया। विपक्षीगण जाते समय जान से मारने की धमकी देते हुए चले गये, जिससे उसके सिर में चोट आयी है।
👉 जबकि अदालत में अभियुक्त के विद्वान अधिवक्ता द्वारा तर्क दिया गया कि अभियुक्तगण को गलत व फर्जी तरीके से फंसा दिया गया है, अभियुक्त के ऊपर अंतर्गत धारा किसी तरह से भी नहीं बनता है, क्योंकि प्रार्थी/अभियुक्त द्वारा ऐसा कोई भी अपराध नहीं किया और न ही ऐसे किसी अपराध में शामिल है। प्रार्थी/अभियुक्त का इसके पूर्व का कोई भी आपराधिक इतिहास नहीं है। उक्त कथित घटना का कोई भी स्वतंत्र जनसाक्षी नहीं है। वादी मुकदमा व अभियुक्तगण एक ही मुहल्ले व पट्टीदार होने के कारण से पुरानी रंजिश रखते हैं, उसी रंजिश को लेकर कानूनी राय व मशविरा से स्थानीय थाना को प्रभाव में लेकर उक्त मुकदमें में फर्जी तरह से नामित कर दिया गया है। वादी मुकदमा द्वारा महज धन उगाही करने के उद्देश्य से उक्त मुकदमें में मुल्जिम बना दिया गया है।
