वाराणसी: विशेष न्यायालय (एससी/एसटी एक्ट) के न्यायाधीश देवकांत शुक्ला की अदालत ने थाना सिगरा में दर्ज आपराधिक षडयंत्र व विश्वासघात के एक मामले में दिल्ली निवासी अभियुक्त कौशिक कुमार गुप्ता कि ओर से प्रस्तुत अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए अग्रिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
""अदालत में बचाव पक्ष कि ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता अवधेश कुमार सिंह, आलोक चंद शुक्ला, गौतम कुमार सिंह व कांता नाथ कुशवाहा ने पक्ष रखा""
👉 अभियोजन कथनानुसार वादी मुकदमा अमर देव प्रजापति द्वारा इस आशय का अभियोग पंजीकृत कराया है कि प्रार्थी अमरदेव प्रजापति पुत्र स्व. हरिकेवल प्रजापति निवासी पाण्डेयपुर, थाना-कैण्ट, वाराणसी का है। मेसर्स फोस्टर कन्सोर्टियम एवं डेक्सटेरिटी बिल्डकान प्रा. लि. कारपोरेट आफिस एच. 17ए, सेकेण्ड फोर, मेन रोड, कालकाजी, नई दिल्ली में स्थित है, जिसके निदेशकगण कौशिक गुप्ता, पुष्कर गुप्ता पुत्रगण जयप्रकाश गुप्ता, श्रीमती शीला गुप्ता पत्नी जयप्रकाश गुप्ता एवं जयप्रकाश गुप्ता निवासीगण सी. 21, हौजखास, नई दिल्ली तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी जौली भट्टाचार्या उर्फ अनुष्का निवासी जीके. 2. साउथ एक्सटेंशन, नई दिल्ली तथा कपिल गुप्ता, मैनेजर, सी. 21, हौजखास, नई दिल्ली हैं। इसकी शाखा वाराणसी में भवन संख्या-सी. 33/2-1 के, विद्यापीठ रोड, लैण्ड मार्क, भारत माता मन्दिर के सामने, सिगरा, बाराणसी में खोली गयी। और प्रार्थी को कम्पनी उपरोक्त द्वारा एजेण्ट के रूप में कार्य हेतु नामांकित किया गया। कम्पनी उपरोक्त के मैनेजिंग डायरेक्टर कौशिक कुमार गुप्ता द्वारा जब वाराणसी में ब्रांच खोली गयी तो एजेण्टो को कुटिलतापूर्वक यह प्रलोभन दिया गया कि जितना रुपया आप कम्पनी में जमा करायेंगे उसपर जो धन निवेश करेगा उसे हर माह 5 प्रतिशत ब्याज दिया जावेगा और एजेण्टों को उनका उपयुक्त कमीशन दिया जायेगा। प्रार्थी उक्त कम्पनी में विभिन्न लोगों द्वारा धन इकट्ठा कर मु 52,86,000/- रुपया कम्पनी के आई सी. आई.सी.आई. बैंक खाता संख्या-072005000703 व खाता संख्या-039605001417 तथा एच डी.एफ.सी. बैंक लि. के खाता स. 15592560000295 में जमा किया। उक्त धन दिनाक 2.05.2011 से 13.05.2011 तक जमा किया जो रुपया जमा किया उसकी बैंक रसीद भी जारी की गयी। इसके अतिरिक्त कुल रु. 5,20,250/- दिनांक 17.03.2011 तथा 9.04.2011 को एच.डी.एफ.सी. बैंक लि. में उपरोक्त लोगों के कहने पर खाता नं. 06932320000781 अजनाम फोस्टर कन्सोर्टियम में पहले ही जमा करवाया था जबकि इस नाम की कोई कम्पनी पंजीकृत नहीं पायी गयी है। विपक्षी अब अपनी शाखा वाराणसी भी बन्द कर दिया है। जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि उक्त कम्पनी एक फर्जी कम्पनी थी जो धन जमा लेकर फरार हो गयी। जब प्रार्थी ने कम्पनी के पते का पता कराया तो ज्ञात हुआ कि कम्पनी अब दिल्ली से भी भागने की फिराक में है। जिन-जिन लोगों ने निवेश किया है वे प्रार्थी से अपना पैसा माँग रहे हैं। प्रार्थी स्वयं उक्त फर्जी कम्पनी में अपना 3,00,000/- रुपया दिनांक 30.04.2011 को निवेश किया है। इस प्रकार कुल रु. 61,06,250/- उपरोक्त व्यक्तियों धोखे से लेकर हड़प लिया और उक्त धन को हड़प कर अपनी वाराणसी व कलकत्ता शाखा बन्द कर दी है जिससे स्पष्ट हो गया है कि उपरोक्त विपक्षीगण जमा धन लेकर लोगों के साथ धोखा किया है।
