वाराणसी। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विवेक चौधरी की अदालत ने थाना जैतपुरा में दर्ज दहेज उत्पीड़न और घर में घुसकर मारपीट करने के गंभीर मामले में आरोपित शमीम अख्तर, नसीम अख्तर, वसीम अख्तर, रुखसाना उर्फ सना व कमालुद्दीन की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता पं. रवि शंकर शर्मा, ऋषभ शर्मा और शुभम सिंह ने पक्ष रखा""
👉 अभियोजन के अनुसार, पीड़िता तरनूम जहाँ ने थाना जैतपुरा में दी गई तहरीर में बताया कि उसकी शादी शमीम अख्तर से हुई थी। शादी के बाद आरोपितों द्वारा दहेज स्वरूप ₹20 लाख की माँग की गई। विरोध करने पर पीड़िता के साथ मारपीट की गई और गालियाँ दी गईं। उसे घर से निकाल दिया गया। बाद में सुलह के बाद वह पुनः ससुराल गई, जहाँ आरोपित शमीम अख्तर द्वारा उसके साथ जबरन अप्राकृतिक कृत्य किया गया और विरोध पर उसे फिर से पीटा गया।
तहरीर के अनुसार, 27 फरवरी 2024 को दोपहर में आरोपीगण व कुछ अज्ञात लोग पीड़िता के मायके में घुस गए और उसके साथ मारपीट की। शोरगुल सुनकर मोहल्ले के लोग इकट्ठा हुए और बीच-बचाव किया। आरोप है कि जाते समय आरोपितों ने धमकी दी कि "साली को जान से मार डालो, न रहेगी न कार्रवाई करेगी।"
