""बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता हरिशंकर सिंह ने अदालत में प्रभावी ढंग से पक्ष रखा""
👉 अभियोजन के अनुसार, दिनांक 31 मई 2025 को सुबह 9:30 बजे अंशुमान यति, आदित्य यति, अनुज यति, तारा देवी और बिंदु गिरी ने एक राय होकर प्रार्थी के घर पर चढ़ाई की और गंदी-गंदी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान इन्केश गिरी, रीता गिरी और प्रियंका यति को लाठी, डंडा और ईंट से मारकर घायल कर दिया गया।
👉 प्राथमिकी में यह भी आरोप है कि अंशुमान व आदित्य ने घर में घुसकर प्रियंका यति के साथ छेड़खानी की और उसे गलत इरादे से हाथ पकड़कर खींचने की कोशिश की।
👉 पीड़िता की तहरीर पर थाना चौबेपुर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2), 115(2), 352, 351(2), 333, 74 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया।
👉 फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मामले की गंभीरता के बावजूद बचाव पक्ष की दलीलों को सुनते हुए अग्रिम जमानत मंजूर की।
