✍️✍️ बजरडीहा के छह अभियुक्त संदेह का लाभ पाकर दोषमुक्त

 

वाराणसीफास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश विष्णु वर्मा की अदालत ने थाना भेलूपुर में दर्ज वर्ष 2014 के एक मारपीट और उपद्रव के मामले में सभी छह अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।

👉 दोषमुक्त होने वालों में मो. युनुस, हबीबुर्रहमान, मो. आसिफ, मो. नासिर, मो. इमरान व शमशुल (सभी निवासी बजरडीहा, थाना भेलूपुर) शामिल हैं।

""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से  फौजदारी अधिवक्ता श्याम सुंदर चौरसिया एवं अब्दुल्लाह सउद ने  पैरवी की""


🔸 अभियोजन पक्ष का आरोप

👉 प्राप्त जानकारी के अनुसार, इकबाल अहमद और मुख्तार अहमद, जो आपस में सगे भाई हैं, नवाज अदा करने के बाद जब घर लौटे तो उन्होंने बहसबाजी होते देखी। इसी दौरान मामला बढ़ गया, और कथित तौर पर मोहम्मद यूनुस, मोहम्मद आसिफ व मोहम्मद नासिर ने ईंट व अध्धा फेंकना शुरू किया, जिससे वादी मुकदमा के भाई निसार अहमद को चोटें आईं।

👉 इस घटना के आधार पर थाना भेलूपुर में मुकदमा अपराध संख्या 195/2014 अंतर्गत धाराएं 323, 504, 506, 337, 147, 148 IPC के तहत एफआईआर दर्ज की गई। विवेचना के पश्चात आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया और 23 दिसंबर 2016 को ACJM तृतीय वाराणसी द्वारा संज्ञान लेते हुए अभियुक्तगण को तलब किया गया।


🔸 परीक्षण के बाद आया निर्णय

👉 19 फरवरी 2025 को विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वाराणसी द्वारा आरोप तय किए गए, जिनसे अभियुक्तों ने इनकार किया और परीक्षण की मांग की।

👉 अभियोजन पक्ष की ओर से FIR, मेडिकल रिपोर्ट, नक्शा नजरी, घटनास्थल का फोटो, रोजनामचा सहित अन्य अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत किए गए, जिनकी औपचारिकता अभियुक्तों द्वारा स्वीकार की गई।

👉 हालांकि, न्यायालय ने समस्त साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद यह मानते हुए कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका, सभी अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।

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