✍️✍️ "Court verdict in 18-year-old murder case: Four convicts sentenced to 7 years imprisonment each"


✍️✍️ 18 साल पुराने हत्याकांड में कोर्ट का फैसला, चार दोषियों को 7-7 साल की सजा

वाराणसी।

जिले के चौबेपुर थाना क्षेत्र में वर्ष 2008 में हुई एक हत्या के मामले में वाराणसी की अदालत ने 18 साल बाद ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए चारों अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश (न्यायालय संख्या-5) यजुवेन्द्र विक्रम सिंह ने सभी चार दोषियों को धारा 304 (2)/34 सहित अन्य धाराओं में 7-7 साल के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।

""अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय फौजदारी अधिवक्ता मुनीब सिंह चौहान व वादी के अधिवक्ता संतोष कुमार सिंह व बिजय बहादुर सिंह के द्वारा पक्ष रखा गया""

क्या था मामला?

अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 25 मई 2008 की है। ग्राम बरियासनपुर में वादी अजय कुमार मौर्य और अभियुक्तों के बीच चकरोड की जमीन को लेकर पुरानी रंजिश चल रही थी। घटना के दिन क्रिकेट की गेंद को लेकर हुए विवाद के बाद अभियुक्त प्रदीप, दिलीप, सुनील और राजकुमार ने लाठी, रॉड और हॉकी से लैस होकर वादी के पिता रामचरन पर हमला कर दिया। हमले में सिर पर गंभीर चोट आने के कारण इलाज के दौरान 26 मई 2008 को रामचरन की मृत्यु हो गई थी।

अदालत ने माना अपराध सिद्ध

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने मामले को फर्जी बताते हुए क्रॉस केस का हवाला दिया और गवाहों के बयानों में विरोधाभास होने का तर्क दिया। हालांकि, अदालत ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों, चिकित्सीय रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयानों का गहन विश्लेषण किया। कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष अभियुक्तों के खिलाफ दोषसिद्धि को युक्ति-युक्त संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह सफल रहा है।

दोषियों को मिली सजा

अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी चारों अभियुक्तों (प्रदीप, दिलीप, राजकुमार उर्फ पप्पू और सुनील) को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।

  •  धारा 304 (2)/34: 7-7 वर्ष का सश्रम कारावास और 10,000-10,000 रुपये का अर्थदंड।
  •  धारा 323, 504 एवं 506 (2): इन धाराओं में भी अलग-अलग कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई है।

👉 कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी और अभियुक्तों द्वारा जेल में बिताई गई अवधि को दंड में समायोजित किया जाएगा। फैसला सुनाए जाने के बाद सभी दोषियों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जिला कारागार भेज दिया गया है।


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