मंगलवार दोपहर दीवानी कचहरी परिसर में बड़ा बवाल हो गया, जब थाना बड़ागांव में तैनात उपनिरीक्षक मिथिलेश कुमार प्रजापति पर कुछ काली कोट पहने लोगों ने भीड़ के साथ मिलकर हमला कर दिया।
👉 जानकारी के मुताबिक, उपनिरीक्षक मिथिलेश कुमार सरकारी कार्य हेतु एसीजेएम प्रथम न्यायालय में चार्जशीट दाखिल करने पहुंचे थे। तभी काली कोट पहने अजीत कुमार मौर्य ने उनकी पहचान की और कुछ देर बाद मोहित मौर्य, अजीत मौर्य अपने साथियों समेत करीब 50–60 अज्ञात काली कोट की भीड़ के साथ लौटे और उन्हें घेर लिया।
👉 आरोप है कि हमलावरों ने ललकारते हुए कहा— “यही बड़ागांव पुलिस है जिसने हमारा चालान किया था”—और इसके बाद लात-घूंसों, बेल्ट, डंडों से बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। मारपीट के दौरान उपनिरीक्षक की वर्दी फाड़ दी गई और उनकी जेब से पर्स, पहचान पत्र, पुलिस आईडी और करीब 4200 रुपये भी छीन लिए गए। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें पहले पंडित दीनदयाल अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर ट्रॉमा सेंटर, बीएचयू रेफर किया गया।
👉 घटना के बाद कचहरी परिसर में भगदड़ मच गई और अफरा-तफरी का माहौल हो गया। दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर भाग खड़े हुए।
👉 पीड़ित की तहरीर पर थाना कैंट पुलिस ने 10 नामजद व 50-60 अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
नामजद आरोपी:
👉 अजीत कुमार मौर्य, मोहित मौर्य, अजीत वर्मा उर्फ राजा, राजन पांडे, शेखर यादव, अजीत सिंह, सुमित सिंह, आलोक सौरभ, प्रकाश शंकर श्रीवास्तव और ईशान।
धाराएं:
👉 थाना कैंट में एफआईआर बीएनएस की धारा 191(2), 190, 109, 118(2), 121(2), 126(2), 132, 310(2), 311, 324(4), 352, 351(3), 61(2) तथा आपराधिक कानून अधिनियम 1932 की धारा 7 के तहत दर्ज की गई है।
