✍️✍️ क्रॉस मुकदमों में सभी अभियुक्तों को किया दोषमुक्त


""पति-पत्नी के बीच विवाद से दर्ज हुई थी क्रॉस एफआईआर""

वाराणसी।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार द्वितीय की अदालत ने थाना कैंट में दर्ज दो आपसी मुकदमों में दोनों पक्षों के अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।

""दोनों मुकदमों में अभियुक्तगण की पैरवी फौजदारी अधिवक्ता मुन्ना लाल यादव व सबल वर्मा द्वारा की गई""


पहला मुकदमा – बहू और मायके वालों पर आरोप

👉 प्रथम पक्ष की ओर से दर्ज तहरीर में आरोप था कि प्रार्थिनी के पुत्र अनुज कुमार सिंह का विवाह दिनांक 19 अप्रैल 2022 को शालिनी सिंह से हुआ था। विवाहोपरान्त पति-पत्नी के बीच आपसी सहमति न बनने के कारण शालिनी मायके चली गयी। बाद में शालिनी अपने भाई शुभम व अन्य लोगों के साथ ससुराल आकर जबरन घर में घुसी और तोड़फोड़ की। साथ ही मकान और बैंक बैलेंस अपने नाम करने की मांग करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी।

👉इस मामले में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या-530/2022, दाण्डिक वाद संख्या-32027/2025, सरकार बनाम शालिनी सिंह व अन्य में अदालत ने अभियुक्तगण शालिनी सिंह, दिलीप सिंह व शुभम सिंह को अन्तर्गत धारा 323, 506, 427, 452 भा.दं.सं. के आरोप से दोषमुक्त कर दिया।


दूसरा मुकदमा – दहेज उत्पीड़न के आरोप

👉 दूसरे पक्ष की तहरीर में शालिनी सिंह ने आरोप लगाया कि विवाह में उसके मायके पक्ष द्वारा लगभग 30 लाख रुपये खर्च किये गये। ससुराल पक्ष ने तिलक व शादी में रुपये की मांग की और दहेज की कमी को लेकर मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना दी। विवाह के बाद सास और पति द्वारा कार की मांग की जाने लगी तथा मारपीट व अपमान भी किया गया।

👉 इस मामले में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या-531/2022, दाण्डिक वाद संख्या-26838/2023, सरकार बनाम अनुज सिंह व अन्य में अदालत ने अभियुक्तगण अनुज सिंह एवं श्रमिष्ठा देवी को अन्तर्गत धारा 498ए, 323, 504 भा.दं.सं. व धारा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के आरोप से दोषमुक्त कर दिया।

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