परिवार न्यायालय, वाराणसी की अपर प्रधान न्यायाधीश कक्ष संख्या-3 डॉ. अनामिका चौहान ने अजहर खान बनाम रोजी बानो मामले में एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए पति द्वारा दिए गए तलाक-ए-हसन को वैध मानते हुए विवाह संबंध समाप्त घोषित कर दिया।
""वादी की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता रमेश यादव ने पैरवी की""
मामला क्या था
👉 वादी अजहर खान ने अदालत में वाद दाखिल कर कहा था कि उसका निकाह प्रतिवादिनी रोजी बानो के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार 10 जुलाई 2020 को हुआ था। विवाह के बाद कुछ समय तक दांपत्य जीवन सामान्य रहा, लेकिन प्रतिवादिनी का व्यवहार बदलने लगा। आरोप है कि प्रतिवादिनी ने पति पर अलग रहने का दबाव डाला और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देने लगी।
👉 वादी के अनुसार, प्रतिवादिनी कई बार मायके चली गई और अंततः 30 जनवरी 2023 को झगड़ा कर घर छोड़ दिया। इसके बाद वादी ने विवश होकर मुस्लिम विधि के अनुसार क्रमशः 24 जनवरी 2023, 13 मार्च 2023 और 17 मई 2023 को तीन तलाक (तलाक-ए-हसन) दिया और इसकी लिखित सूचना प्रतिवादिनी को भेजी।
अदालत का निर्णय
👉 अदालत ने सभी तथ्यों और गवाहों के आधार पर माना कि वादी ने विधिपूर्वक तलाक-ए-हसन दिया है। इसलिए यह घोषित किया जाता है कि पति-पत्नी का विवाह 17 मई 2023 को अंतिम तलाक की तारीख से समाप्त हो चुका है।
