वाराणसी।
भेलूपुर क्षेत्र के रथयात्रा चौराहे पर शनिवार की रात अधिवक्ता शिव प्रताप सिंह के साथ इंस्पेक्टर क्राइम गोपाल कन्हैया द्वारा मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने की घटना को लेकर सोमवार को सेंट्रल व बनारस बार एसोसिएशन के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया।
जिला जज पोर्टिको पर धरना
👉 कचहरी खुलते ही वकील बड़ी संख्या में सेंट्रल बार एसोसिएशन भवन पर इकट्ठा हुए। संयुक्त बैठक के बाद अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन विरोधी नारेबाजी करते हुए चक्रमण किया और जिला जज पोर्टिको पर धरने पर बैठ गए।
वकीलों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि आरोपी इंस्पेक्टर को शीघ्र गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा गया तो आंदोलन और उग्र होगा।
इंस्पेक्टर निलंबित, चार धाराओं में केस दर्ज
👉 अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था शिवहरि मीणा ने आरोपी इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया।
पीड़ित की पत्नी शारदा सिंह की तहरीर पर भेलूपुर पुलिस ने इंस्पेक्टर के खिलाफ जानलेवा हमला समेत चार धाराओं में केस दर्ज किया है।
जनपद न्यायाधीश की चुप्पी पर नाराजगी
👉 सोमवार को सेंट्रल बार व बनारस बार एसोसिएशन की संयुक्त बैठक में अधिवक्ताओं ने जनपद न्यायाधीश की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताई।
बैठक में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित गिरेवांश रेड्रेशल कमेटी को सूचना देने के बाद भी जनपद न्यायाधीश ने न तो फोन रिसीव किया और न ही घायल अधिवक्ता की सुध लेने का प्रयास किया।अधिवक्ताओं ने इसे नैतिक व मानवीय जिम्मेदारी से चूक बताया।
आपात बैठक में कार्रवाई का आश्वासन
👉 शाम 4 बजे जनपद न्यायाधीश की अध्यक्षता में गिरेवांश रेफरेन्स कमेटी की आपात बैठक बुलाई गई।
👉 बैठक में द्वय बार के अध्यक्ष व महामंत्री, जिलाधिकारी सत्यम कुमार, डीआईजी शिवहरि मीणा, पुलिस अधिकारी टी. सरवणन, एडीजे देवकांत शुक्ला व अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
👉 निर्णय लिया गया कि आरोपी इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी हेतु विशेष टीम का गठन किया जाएगा और मंगलवार को पूरी रिपोर्ट जनपद न्यायाधीश के समक्ष पेश की जाएगी।
वकीलों का गुस्सा, काफी बड़ी संख्या में अधिवक्ता हुए शामिल
👉 धरना-प्रदर्शन में सेंट्रल बार अध्यक्ष मंगलेश कुमार दुबे, बनारस बार अध्यक्ष सतीश तिवारी, दोनों बार के महामंत्री राजेश कुमार गुप्ता व शशांक श्रीवास्तव समेत राघवेंद्र नारायण दुबे, दीपक राय कान्हा, प्रेम प्रकाश सिंह गौतम, आशीष सिंह, अनूप सिंह, अभिषेक चौबे, ओम प्रकाश गुप्ता, बृजेश मिश्रा, अंशुमान त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे।
