मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार द्वितीय की अदालत ने शिवपुर थाना क्षेत्र के एक मामले में पीड़िता को न्याय दिलाते हुए पुलिस को FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। पीड़िता ने अपने भाई और उसकी पत्नी पर भरण-पोषण की धनराशि, स्त्रीधन (सोने-चांदी के गहने) और पैतृक संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया था।
""पीड़िता की ओर से अदालत में वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता अखिलेश चन्द्रा व अन्दलिब जहरा द्वारा पैरवी किया गया""
👉 बता दें कि पीड़िता ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में प्रार्थना पत्र दायर किया, जिसमें उसने बताया कि 2018 में तलाक के बाद मिली भरण-पोषण की 20 लाख रुपए की धनराशि उसने अपनी माँ के साथ एक संयुक्त खाते में जमा कराई थी। माँ की मृत्यु के बाद उसके भाई ने धोखे से इस खाते से 4 लाख रुपए निकाले और बाद में घर के कामों के नाम पर 7 लाख रुपए और ले लिए।
👉 इसके अलावा, पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके भाई और उसकी पत्नी ने मिलकर माता-पिता के खातों से करीब 45 लाख रुपए हड़प लिए हैं और उसके सोने-चांदी के गहने भी अपने पास रखे हुए हैं। उसने यह भी बताया कि 27 मार्च 2023 और 5 अप्रैल 2025 को पैसे और गहनों के बारे में पूछने पर उसके भाई और भाभी ने उसके साथ मारपीट की, जिसमें उसका एक दांत टूट गया और सिर के बाल भी उखड़ गए।
👉 पीड़िता ने पुलिस आयुक्त से भी शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर उसने न्यायालय का रुख किया। न्यायालय ने प्रार्थना पत्र, शपथ पत्र और संलग्न दस्तावेजों का संज्ञान लेते हुए मामले को गंभीर पाया। न्यायालय ने कहा कि बिना विवेचना के सच्चाई का पता लगाना संभव नहीं है।
👉 अदालत ने धारा 173(4) बीएनएसएस के तहत प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए शिवपुर के थानाध्यक्ष को निर्देश दिया है कि वे इस मामले में उचित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच करें ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके।
