वाराणसी।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार द्वितीय की अदालत ने अधिवक्ता संजय कुमार श्रीवास्तव की ओर से दाखिल प्रार्थना-पत्र पर सुनवाई करते हुए थाना कैंट पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है।
घटना का विवरण
👉 प्रार्थी संजय कुमार श्रीवास्तव, जो वाराणसी कचहरी में नियमित प्रैक्टिसनर हैं, ने बताया कि घटना दिनांक 14 अगस्त 2025 को दोपहर करीब 12:20 बजे उनकी गाड़ी वरुणावृज चौराहे के पास रेड लाइट पर खड़ी थी। उसी समय एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो, जिस पर एक राजनीतिक पार्टी का झंडा लगा था, ने उनकी गाड़ी में टक्कर मार दी।
👉 इस घटना में प्रार्थी को हल्की चोटें आईं और गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। जब उन्होंने आरोपी वाहन चालक अशोक कुमार यादव से कारण पूछा तो उसने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि अशोक यादव ने जानबूझकर गाड़ी चढ़ाकर प्रार्थी एवं उनके साथ मौजूद अधिवक्ता सरोज पटेल को कुचलने का भी प्रयास किया।
प्रत्यक्षदर्शी पीछे हटे
घटना स्थल पर कई लोग मौजूद थे, लेकिन विपक्षियों के आक्रामक रुख के कारण लोग बीच-बचाव करने से पीछे हट गए। घटना के बाद आरोपी व उसके साथी मौके से फरार हो गए।
पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप
पीड़ित अधिवक्ता ने अगले दिन स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी होने के कारण तत्काल तहरीर नहीं दी, परंतु बाद में पुलिस आयुक्त को रजिस्टर्ड डाक से घटना की सूचना दी। इसके बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
अदालत का आदेश
""प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार उपाध्याय और अधिवक्ता विनोद कुमार सिंह ने पक्ष रखा""
बहस सुनने के बाद अदालत ने धारा 173(4) बी.एन.एस.एस. के तहत प्रार्थना-पत्र स्वीकार करते हुए थाना कैंट पुलिस को आदेशित किया कि समुचित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना सुनिश्चित की जाए।
