✍️✍️ बच्चा तस्करी: दो दोषियों को आजीवन कारावास और ₹20 हजार जुर्माना


वाराणसी:

 विशेष न्यायालय फास्ट ट्रैक प्रथम कुलदीप सिंह की अदालत ने बच्चा तस्करी के एक मामले में झारखंड के कोडरमा निवासी कुलदीप पासवान और पश्चिम बंगाल के 24 परगना निवासी नंदलाल था को दोषी करार देते हुए विगत दिवस (पिछले दिन) आजीवन कारावास और बीस हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अर्थदंड की धनराशि अदा न किए जाने पर दोनों दोषियों को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।

अभियोजन पक्ष:

अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी मुनीब सिंह चौहान, जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता मनोज कुमार गुप्ता, एवं वादी पक्ष के अधिवक्ता गोपाल कृष्ण ने पैरवी की थी।

यह था मामला:

 अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 29 अप्रैल 2023 को हुई थी। शहर के राजघाट निवासी पिंकी कटिंग मेमोरियल मान्टेसरी स्कूल के पास सड़क किनारे अपने एक वर्षीय बेटे के साथ सो रही थीं। जब वह उठीं, तो उन्होंने देखा कि बच्चा गायब था। पीड़िता ने तत्काल कैट थाने में मुकदमा दर्ज कराया।विवेचना के दौरान, पुलिस ने आरोपी कुलदीप पासवान को कोडरमा से गिरफ्तार किया। सामने आया कि उसने बच्चे को चुराकर पश्चिम बंगाल निवासी नंदलाल था को बेच दिया था।बच्चे को 20 जुलाई 2023 को नंदलाल के पास से बरामद किया गया था।

अन्य आरोपी निर्दोष करार:

इस मामले में जगवीर बरनवाल, संतोष साल, अनुराधा देवी, गुड़िया, संगीता देवी, मनीष जैन, संतोष गुप्ता, और शिखा देवी को भी अभियुक्त बनाया गया था, लेकिन अदालत ने इन सभी को निर्दोष करार कर बरी कर दिया।


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