✍️✍️ प्रतिबन्धित नशीली दवाओं के मामले में एक आरोपी को कोर्ट से राहत



वाराणसी।

थाना जैतपुरा क्षेत्र में अवैध नशीली दवाओं और इंजेक्शन की बिक्री करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में गिरफ्तार अभियुक्त गुलाम अख्तर की ओर से प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीएम) विवेक चौधरी की अदालत ने उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता मोo आलम, अल्ताफ आजम, कलीम अशरफ व नियाज़ अहमद ने पक्ष रखा""


क्या है मामला?

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 17 जनवरी 2026 को एसओजी प्रभारी (टीम-2) उपनिरीक्षक अभिषेक पाण्डेय और उ.नि. नन्दलाल कुशवाहा की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सिटी स्टेशन के पास मजार के पीछे दो व्यक्ति नशीली दवाएं बेच रहे हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एसीपी (मुख्यालय/ट्रैफिक) अपूर्व पाण्डेय की उपस्थिति में घेराबंदी कर गिरधारी यादव (निवासी सूरजकुण्ड, लक्सा) और गुलाम अख्तर (निवासी कमल गड़हा, जैतपुरा) को गिरफ्तार किया।


भारी मात्रा में बरामदगी

पुलिस ने अभियुक्तों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद करने का दावा किया:

  •   नशीली दवाएं: कुल 132 एम्पुल संदिग्ध नशीला तरल पदार्थ और 12 सीसी एविल (10ml)।
  • उपकरण: 226 अदद डिस्पो वैन निडिल और 120 पीस डिस्पो वैन सिरिंज।
  •  नकदी व मोबाइल: बिक्री के कुल 2285 रुपये और दो एंड्रायड मोबाइल फोन।


कैसे चलता था कारोबार?

पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे बिना लेबल वाली नशीली शीशियों को 50 रुपये में और सिरिंज व एविल के साथ 120 रुपये के सेट में नशेड़ियों को बेचते थे। बरामद पैसे इसी अवैध धंधे की कमाई के थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 8/21/22/29 के तहत मामला दर्ज कर जेल भेजा था।

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