""24 घण्टे में आदेश की प्रति जेल अधीक्षक वाराणसी को भेजने का आदेश""
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 4 साल से बंद हत्या के आरोप में राजू कसेरा उर्फ विकास की जमानत याचिका मंजूर कर दी । याची की ओर से अधिवक्ता सुनील चौधरी ने न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा के समक्ष बहस में बताया कि वर्ष 2009 में वाराणसी के फखरे आलम ने अपने भाई बदरे आलम निवासी हड़हा वाराणसी की हत्या का मुकदमा अज्ञात के विरुद्ध पंजीकृत कराया था। याची अधिवक्ता ने बताया कि बदरे आलम के यहां साधना सिंह नाम की महिला के आने से बदरे आलम का दोस्त अजय सिंह का झगड़ा व गाली गलौज हुआ था याची ,अजय सिंह, नूरी व साधना सिंह बदरे आलम के घर आया जाया करते थे लेकिन घटना वाले समय यांची गुजरात में काम करने गया था याची वर्ष 2009 से ही गुजरात में काम कर रहा था बदरे आलम की मृत्यु गला घोटकर रस्सी से हुई है जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंकित है शिकायतकर्ता फखरे आलम ने और अन्य गवाहों ने अपने पुलिस को दिए बयान में कहा की मुझे पूरा विश्वास है राजू ने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की होगी। याची अधिवक्ता सुनील चौधरी ने आगे बहस में बताया कि बयान वादी का मजिद बयान में राजू के द्वारा वादी को मुकदमे की पैरवी न करने की धमकी और यह कहना स्वीकार किया गया कि याची ने ही तुम्हारे भाई की हत्या की है इसी मजीद बयान के आधार पर विवेचना अधिकारी ने वर्ष 2010 में ट्रायल कोर्ट के समक्ष चार्जसीट दाखिल कर दी।
याची अधिवक्ता सुनील चौधरी ने बताया कि अभी तक पांच लोगों की गवाही हुई है ।याची जब 13 साल बाद कोरोना में 2022 में घर आया तो याची को हत्या के बारे में पता चला जिस पर याची की पुलिस ने गिरफ्तारी की और यांची पिछले 4 साल से वाराणसी जेल में बंद है अभी तक पांच गवाहों की गवाही हो चुकी है। डॉक्टर ने अपने बयान में बताया कि मृतक को मारने वाले कम से कम दो रहे होंगे जबकि याची के विरुद्ध ही चार्जशीट दाखिल की गई है कोई भी चश्मदीद गवाह नहीं है याची के बयान के आधार पर याची के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई थी वर्तमान समय में मृतक का भाई वादी की मृत्यु हो चुकी है जिस कारण ट्रायल कोर्ट में कोई बयान भी नहीं दे सका। बदरे आलम 18 -20 साल से अपराधी था और नशे का आदी था याची के विरुद्ध 2 आपराधिक मुकदमा हत्या का प्रयास व आयुध अधिनियम में था जिसमे पहले ही बरी हो चुका है ।अपर शासकीय अधिवक्ता ने विरोध किया कि 13 साल तक अभियुक्त फरार था ,आपराधिक इतिहास है जमानत याचिका का विरोध किया ।जिस पर न्यायालय ने शर्तो के साथ याची राजू कसेरा उर्फ विकास निवासी ढलवरिया थाना जैतपुरा वाराणसी की जमानत याचिका मंजूर कर ली और आफिस को 24 घंटे के अंदर आदेश कि कापी जेल अधीक्षक वाराणसी को ईमेल /इ प्रिजन पोर्टल से भेजने का निर्देश दिया है।ट्रायल कोर्ट को भी जल्द दे जल्द रिलीज़ आदेश भेजने का आदेश दिया।
