वाराणसी। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश देवकांत शुक्ला की अदालत ने थाना साइबर क्राइम में दर्ज एक गंभीर धोखाधड़ी के मामले में आरोपी रविन्द्र सिंह ठाकुर की ओर से प्रस्तुत अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता विजय कुमार पाल, गौरव कुमार सिंह व सचिन मालवीय ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा, जिसके बाद न्यायालय ने आरोपी को राहत प्रदान की""
क्या है पूरा मामला?
अभियोजन के अनुसार, वादी मनीष कुमार, जो कि एक भूतपूर्व सैनिक हैं, ने थाना साइबर क्राइम में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि 28 जनवरी 2022 को शौर्य सिंह नामक व्यक्ति ने स्वयं को मुंबई का ऑफलाइन ट्रेडर बताते हुए उनसे संपर्क किया। आरोपी ने शेयर बाजार एवं IPO में निवेश के नाम पर मोटा मुनाफा होने का लालच दिया।
👉 वादी उनकी बातों में आकर 31 जनवरी 2022 को एक लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपी द्वारा लगातार विश्वास दिलाते हुए अलग-अलग बहानों से रकम मंगाई जाती रही। वादी ने अडानी विल्मर और अन्य IPO में निवेश के नाम पर कई किश्तों में पैसे भेजे।
👉 इस दौरान आरोपी के कथित सहयोगी राकेश अग्रवाल ने GST के नाम पर 18 प्रतिशत अतिरिक्त राशि भी वसूल की। बाद में चेक जारी करने का झांसा देकर ‘सर्वर चार्ज’ के नाम पर 40 प्रतिशत अतिरिक्त धन की मांग की गई। इस प्रकार वादी से कुल 19,39,535 रुपये की ठगी कर ली गई।
👉 पीड़ित ने बताया कि आरोपी लगातार नई-नई शर्तें रखकर पैसे मांगते रहे और अंत में डिमेट अकाउंट ट्रांसफर के नाम पर 5 प्रतिशत शुल्क की मांग की गई।
मामले में दर्ज धाराएं
इस प्रकरण में थाना साइबर क्राइम, वाराणसी में आईपीसी की धारा 420, 417 तथा सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम 2008 की धारा 66 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
