✍️✍️ कोर्ट के आदेश पर दर्ज होगा छेड़खानी और जानलेवा हमले का मुकदमा
""मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कैंट थाना प्रभारी को दिए जांच और FIR के कड़े निर्देश""
वाराणसी:
जनपद के कैंट थाना क्षेत्र के भीमनगर इलाके में होली के दिन हुई छेड़खानी और मारपीट के मामले में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) वाराणसी ने सावित्री देवी की याचिका पर सुनवाई करते हुए स्थानीय पुलिस को आरोपियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।
बता दे कि पीड़िता ने अपने अधिवक्ता अजय गेठे के जरिए माननीय न्यायालय में अंतर्गत धारा 173(4) बी.एन.एस.एस का प्रार्थना पत्र दाखिल किया था।
घटना का विवरण:
प्रार्थिनी सावित्री देवी के अनुसार, 4 मार्च 2026 को होली के दौरान उनके मोहल्ले के कुछ दबंग युवकों ने शराब के नशे में उनके साथ छेड़खानी की। जब प्रार्थिनी के पुत्र और देवर बचाव के लिए आए, तो आरोपियों ने उन पर लाठी-डंडे, ईंट और गंडासे से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में प्रार्थिनी का पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गया था।
पुलिस की भूमिका पर टिप्पणी:
याचिका में आरोप लगाया गया कि घटना के समय पुलिस मौके पर मौजूद थी लेकिन मूकदर्शक बनी रही। थाने पर कोई सुनवाई न होने के बाद पीड़िता ने पुलिस आयुक्त को भी पत्र भेजा था, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
कोर्ट का आदेश:
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले के तथ्यों को देखते हुए इसे संज्ञेय अपराध माना और धारा 173(4) बी.एन.एस.एस. के तहत कैंट थाना प्रभारी को आदेश दिया कि वे इस घटना के संबंध में समुचित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू करें।
