वाराणसी।
जनपद के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के अंतर्गत बच्चों के कथित अपहरण के एक मामले में नामजद अभियुक्त आशुतोष यादव को न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। वाराणसी की अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए अभियुक्त की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता बबलू यादव ने पक्ष रखा""
क्या था मामला?
प्रकरण के अनुसार, वादिनी ने मंडुवाडीह थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 13 अप्रैल 2026 की शाम करीब 8:00 बजे आशुतोष यादव उनके घर आया और उनके दो मासूम बच्चों (4 वर्षीय पुत्र और 7 वर्षीय पुत्री) को बहला-फुसलाकर अपने साथ कहीं ले गया। वादिनी का आरोप था कि अभियुक्त उन पर जबरन साथ रहने का दबाव बना रहा था और मना करने पर इस घटना को अंजाम दिया। बता दे कि पुलिस ने इस मामले में धारा 137(2) बी.एन.एस. (BNS) में केस दर्ज किया था।
👉 कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियुक्त के विद्वान अधिवक्ता ने तर्क दिया कि प्रार्थी/अभियुक्त के पास से कोई बच्चा बरामद नहीं हुआ है और न ही उसने बच्चों का अपहरण किया है। यह भी दलील दी गई कि अभियुक्त 14 अप्रैल 2026 से ही जिला कारागार वाराणसी में निरुद्ध है। दूसरी ओर, अभियोजन पक्ष ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए इसे गैर-जमानती अपराध बताया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित कुमार यादव (III) ने आदेश दिया कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए जमानत का आधार पर्याप्त है।
👉 अदालत ने 20,000 रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान धनराशि की एक प्रतिभू प्रस्तुत करने पर अभियुक्त आशुतोष यादव को जमानत पर रिहा करने का आदेश जारी किया। कोर्ट ने इस दौरान उच्च न्यायालय द्वारा पारित एक विधि व्यवस्था का भी संदर्भ लिया।
