वाराणसी।
बनारस कचहरी परिसर इन दिनों दो बेहद संवेदनशील और वकीलों से जुड़े सीधे मुद्दों को लेकर पूरी तरह गर्मा गया है। एक तरफ जहाँ कचहरी को स्थानांतरित (विस्थापन) करने के प्रस्ताव पर अधिवक्ताओं की हलचल तेज है, वहीं दूसरी तरफ मई-जून की रिकॉर्ड तोड़ गर्मी में वकीलों को काले भारी-भरकम कोट और गाउन से निजात दिलाने की मुहिम शुरू हो गई है। इन दोनों ही गंभीर विषयों को लेकर आज वाराणसी में बड़ी कानूनी और रणनीतिक हलचल होने जा रही है।
1. कचहरी शिफ्टिंग पर आज दोपहर 2:30 बजे आपात बैठक
कचहरी के विस्थापन (शिफ्टिंग) के संवेदनशील मुद्दे को लेकर 'दी सेन्ट्रल बार एसोसिएशन बनारस, वाराणसी' के सभागार में आज 21 मई 2026 को दोपहर 2:30 बजे एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई है। बार के महामंत्री आशीष कुमार सिंह ने बताया कि इस बैठक में 'दी सेन्ट्रल बार' और 'दी बनारस बार' के सभी पूर्व अध्यक्षों व पूर्व महामंत्रियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। बैठक में कचहरी विस्थापन के भविष्य और वकीलों के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी दिग्गज अपने विचार और सुझाव साझा करेंगे, जिससे आगे की ठोस रणनीति तय की जा सके।
2. 'झुलसती गर्मी में काले कोट से मिले मुक्ति', जिला जज को पत्र
एक तरफ जहाँ आज विस्थापन पर मंथन होगा, वहीं दूसरी तरफ वकीलों को कार्यस्थल पर व्यावहारिक राहत देने के लिए बार एसोसिएशन ने कदम उठाया है। सेन्ट्रल बार के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम और महामंत्री आशीष कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से वाराणसी के जिला जज महोदय को एक आधिकारिक पत्र सौंपा है।
👉 इस पत्र में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के नियम 3 और 4 का हवाला देते हुए कहा गया है कि:
- हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को छोड़कर, अधीनस्थ न्यायालयों (लोअर कोर्ट) में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों के लिए मई और जून की कड़कड़ाती गर्मी में लंबा काला गाउन या काला कोट पहनना अनिवार्य नहीं है।
बार एसोसिएशन ने जिला जज से विनम्र निवेदन किया है कि वे इस नियम के संदर्भ में वाराणसी जिले की अन्य सभी अदालतों को सूचित व निर्देशित करने की कृपा करें, ताकि चिलचिलाती धूप और उमस के बीच वकीलों को अदालती बहस के दौरान बड़ी राहत मिल सके।
