✍️✍️ ​"Act caught on CCTV; FIR registered at Rohaniya police station on court orders"


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CCTV में कैद हुई करतूत, कोर्ट के आदेश पर रोहनिया थाने में FIR दर्ज

वाराणसी।

 उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के रोहनिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम अखरी में एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है, जहां 'भारत सरकार' लिखे वाहनों और फर्जी पुलिसकर्मियों के दम पर एक चिकित्सक की पत्नी की कीमती चहारदीवारी युक्त जमीन पर अवैध कब्जे का प्रयास किया गया। पुलिस द्वारा शिकायत पर कोई कार्रवाई न किए जाने के बाद, पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। अब मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) वाराणसी के आदेश पर रोहनिया थाने में नामजद आरोपी केशव सिंह और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, तिलमापुर (सारनाथ) निवासी प्रार्थी डॉ. शैलेश कुमार राय (पेशा-चिकित्सक) ने वर्ष 2014 में अपनी पत्नी श्रीमती ममता राय के नाम पर ग्राम अखरी (थाना रोहनिया) में आराजी नंबर 109 के अंतर्गत 162 एयर जमीन क्रय की थी। इस जमीन पर बकायदा गेट और चहारदीवारी बनी हुई है, जिस पर शुरू से ही डॉक्टर दंपति का नाम, पता और मोबाइल नंबर लिखा हुआ है और उनका कब्जा चला आ रहा है।

फर्जी 'भारत सरकार' के बोर्ड और वर्दीधारियों का रौब

पीड़ित डॉ. शैलेश कुमार राय ने बताया कि बीती 3 दिसंबर 2025 को शाम करीब 5:30 बजे दो गाड़ियों से 5-7 अज्ञात व्यक्ति उनकी जमीन पर जबरन घुस आए। जिन गाड़ियों से वे आए थे, उन पर 'भारत सरकार' लिखा हुआ था और गाड़ियों में दो लोग खाकी वर्दी पहने हुए थे। इन लोगों ने मौके पर आसपास के ग्रामीणों में दहशत पैदा करने के उद्देश्य से खुद को सरकारी अधिकारी और कर्मचारी के रूप में प्रस्तुत किया।

CCTV में कैद हुई करतूत, गेट पर पोता पेंट

यह पूरी घटना सामने रहने वाले एक पड़ोसी के घर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई। फुटेज में एक व्यक्ति गेट पर लिखे असली मालिक का नाम-पता और मोबाइल नंबर पेंट से मिटाकर उसकी जगह एक अन्य मोबाइल नंबर लिखता हुआ साफ दिखाई दे रहा है। जब डॉक्टर को इस बात की जानकारी हुई और उन्होंने अगले दिन उस नंबर पर फोन किया, तो फोन उठाने वाले व्यक्ति ने अपना नाम 'केशव सिंह' बताया और खुद को किसी कमिश्नर का आदमी बताते हुए जमीन पर कब्जा करने व देख लेने की धमकी दी।

थाने के चक्कर काटता रहा पीड़ित, आखिरकार कोर्ट से मिला न्याय

पीड़ित डॉक्टर ने इस घटना के संबंध में तत्काल अखरी पुलिस चौकी और रोहनिया थाने में लिखित व मौखिक शिकायतें दीं। पुलिस द्वारा कोई उचित कदम न उठाए जाने पर उन्होंने 31 दिसंबर 2025 को पुलिस आयुक्त (वाराणसी) को पंजीकृत डाक से भी प्रार्थना पत्र भेजा, लेकिन वहां से भी निराशा ही हाथ लगी।

थक-हारकर प्रार्थी ने न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, वाराणसी में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(4) के तहत प्रार्थना पत्र संख्या 401/2026 दाखिल किया। मामले के तथ्यों, सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री मनीष कुमार-II ने माना कि प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध का घटित होना प्रतीत होता है। उन्होंने रोहनिया थाना प्रभारी को तत्काल सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर मामले की विवेचना सुनिश्चित करने का कड़ा आदेश जारी किया।

पुलिस ने दर्ज की FIR

न्यायालय के आदेश के अनुपालन में रोहनिया पुलिस ने आरोपी केशव सिंह व अन्य 6-7 अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 352 और धारा 351(2) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है

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