✍️✍️ पहचान छुपाकर दलित युवती से विवाह और धर्म परिवर्तन का दबाव: कोर्ट ने आरोपियों की जमानत याचिका की खारिज
वाराणसी।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में पहचान छुपाकर शादी करने, शारीरिक शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयास का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) वाराणसी की अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सह-आरोपियों नबीस रसूल और गंगाजली उर्फ अमीना की जमानत याचिका को निरस्त कर दिया है।
""अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से वादी के अधिवक्ता श्याम सुंदर चौरसिया व किशन चौबे एवं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सत्येंद्र सिन्हा ने जमानत याचिका का विरोध किया""
मुकदमा के अनुसार, वाराणसी के थाना-कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली एक अनुसूचित जाति (दलित) की पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वह शादियों और मांगलिक समारोहों में कैटरिंग (पर्चायिका/वेटर) का काम करती थी। अप्रैल 2024 में एक विवाह समारोह के दौरान उसकी मुलाकात आफताब अंसारी नाम के युवक से हुई। आफताब ने खुद को 'अमित कुमार' बताते हुए हिंदू के रूप में अपनी पहचान दी। उसने पीड़िता को काम दिलाने और मदद करने के बहाने दोस्ती बढ़ाई और धीरे-धीरे उसे अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। आफताब ने पीड़िता को धोखे से कैंट स्थित एक होटल में ले जाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और बाद में 25 मार्च 2025 को चौकाघाट स्थित काली मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से उससे शादी कर ली। शादी के वक्त आफताब के परिवार की ओर से केवल 4-5 लोग ही मौजूद थे, जिन्हें आफताब ने अपने रिश्तेदार बताया था। शादी के कुछ दिनों बाद जब पीड़िता लहरतारा स्थित एक किराए के कमरे में रहने लगी, तब उसे पता चला कि जिससे उसने शादी की है, वह 'अमित कुमार' नहीं बल्कि आफताब अंसारी है और वह एक मुस्लिम है। सच्चाई सामने आने के बाद जब पीड़िता ने विरोध किया, तो आफताब और उसके परिजनों (पिता नबीस रसूल, मां गंगाजली व भाई मिट्ठू अंसारी) ने उस पर जबरन मुस्लिम धर्म स्वीकार करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़िता को करीब एक महीने तक घर में बंधक बनाकर रखा गया, जहां उसे गंभीर मानसिक और शारीरिक यातनाएं दी गईं। पीड़िता का आरोप है कि आफताब लड़कियों की खरीद-फरोख्त के धंधे में भी संलिप्त है और उसके भाई मिट्ठू अंसारी (जो वर्तमान में मुंबई की जेल में बंद है) के मोबाइल से लड़कियों की तस्वीरें और नंबर मिले हैं, जिससे यह आशंका जताई गई है कि वे पीड़िता को भी मुंबई या खाड़ी देशों में बेचने की फिराक में थे।
