✍️✍️ नाबालिग को भगाने के आरोपी युवक को मिली जमानत, अदालत ने दी राहत
वाराणसी।
जिले के रोहनिया थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने के आरोपी युवक को न्यायालय ने जमानत दे दी है। प्रभारी सत्र न्यायाधीश संध्या श्रीवास्तव की अदालत ने मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आरोपी गोविंद उर्फ बाबू को 50,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही धनराशि के दो प्रतिभूतियों पर रिहा करने का आदेश दिया है।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता विकास गुप्ता ने पक्ष रखा""
क्या था पूरा मामला?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 17 मई 2026 की रात को रोहनिया क्षेत्र के रहने वाले गोविंद उर्फ बाबू पर आरोप लगा था कि वह वादी की 17 वर्षीय नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। इस मामले में पुलिस ने बीएनएस की धारा 87 और 137(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
आरोपी का पक्ष
जमानत अर्जी में आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि यह एक झूठा मामला है। पीड़िता और आरोपी के परिवार एक ही गांव के रहने वाले हैं और उनके बीच पूर्व से ही मधुर संबंध थे। दोनों परिवारों ने पहले उनके विवाह की योजना भी बनाई थी। आरोपी पक्ष का कहना है कि लड़की अपनी मर्जी से घर से गई थी और यह मामला केवल पारिवारिक विवाद और दबाव बनाने के उद्देश्य से दर्ज कराया गया है।
अदालत का आदेश
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, प्रभारी सत्र न्यायाधीश ने मामले की गंभीरता और परिस्थितियों पर विचार करते हुए आरोपी की जमानत मंजूर कर ली। अदालत ने स्पष्ट किया है कि रिहाई के बाद आरोपी मामले के साक्ष्यों को प्रभावित नहीं करेगा और विचारण (ट्रायल) में पूर्ण सहयोग करेगा।
