✍️✍️ फर्जी जीएसटी फर्म प्रकरण में आरोपी को मिली जमानत
वाराणसी:
फर्जी जीएसटी फर्मों के माध्यम से कथित तौर पर फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेन देन व जीएसटी रिफंड प्राप्त करने के चर्चित मामले में वाराणसी की अदालत ने आरोपी महेश कुमार गुप्ता को जमानत दे दी है। यह आदेश प्रभारी सत्र न्यायाधीश संध्या श्रीवास्तव की अदालत ने पारित किया।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता नीरज कुमार गुप्ता व वीनीत कुमार सिंह ने पक्ष रखा""
👉 अभियोजन पक्ष के अनुसार, सीजीएसटी विभाग की जांच में सामने आया कि कई फर्जी फर्मों का निर्माण कर उनके माध्यम से करोड़ों रुपये के फर्जी लेन-देन दर्शाते हुए इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया गया। जांच के दौरान आरोपी महेश कुमार गुप्ता का नाम सामने आया और उन पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी पंजीकरण कराने तथा कर अपवंचना में संलिप्त होने का आरोप लगाया गया।
👉 वहीं, बचाव पक्ष की ओर से अदालत में दलील दी गई कि आरोपी निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया है। बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है तथा उसके विरुद्ध प्रस्तुत साक्ष्य परिस्थितिजन्य हैं। यह भी तर्क दिया गया कि आरोपी 27 मई 2026 से न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध है और मामले की विवेचना के दौरान उसके खिलाफ प्रत्यक्ष दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।
👉 दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और उपलब्ध अभिलेखों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने कहा कि मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त किए बिना आरोपी को जमानत पर रिहा किया जाना उचित होगा।
👉 अदालत ने आदेश दिया कि आरोपी महेश कुमार गुप्ता को एक लाख रुपये के निजी बंधपत्र तथा इतनी ही धनराशि की दो जमानतें प्रस्तुत करने पर रिहा किया जाए। साथ ही निर्देश दिया गया कि आरोपी मुकदमे की सुनवाई में सहयोग करेगा और किसी भी साक्ष्य या गवाह को प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेगा।
