✍️✍️ Relief for accused in crime/misconduct case, granted bail by court


✍️✍️ दुस्कर्म के मामले में आरोपी को राहत, कोर्ट से मिली जमानत

वाराणसी  के रोहनिया थाना क्षेत्र के चर्चित फर्जी कॉल एवं उत्पीड़न मामले में आरोपी रामेश्वर पांडेय को जिला न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (द्रुतगामी प्रथम) कुलदीप सिंह-द्वितीय की अदालत ने अभियोजन एवं बचाव पक्ष की दलीलों पर विचार करने के बाद आरोपी की जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए उसे एक लाख रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र एवं समान राशि के एक जमानतदार पर रिहा किए जाने का आदेश दिया।

""अदालत में बचाव पक्ष की से फौजदारी अधिवक्ता श्रीकांत प्रजापति व विनोद कुमार यादव ने पक्ष रखा ""

क्या है मामला?

अभियोजन के अनुसार, रोहनिया थाना क्षेत्र निवासी वादिनी ने आरोप लगाया था कि आरोपी पिछले कई वर्षों से उससे संपर्क में था और शादी का दबाव बनाया था। बातचीत बंद होने के बाद आरोपी द्वारा कथित रूप से अभद्र कॉल, फर्जी नंबरों से फोन, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर बदनाम करने तथा मानसिक उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाया गया। इसी आधार पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।

बचाव पक्ष ने अदालत में तर्क दिया कि आरोपी निर्दोष है और उसे रंजिशवश झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। साथ ही कहा गया कि घटना का कोई स्वतंत्र प्रत्यक्षदर्शी नहीं है तथा एफआईआर दर्ज कराने में भी असामान्य विलंब हुआ है। आरोपी ने न्यायालय की सभी शर्तों का पालन करने का भरोसा भी दिया।

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने एफआईआर, केस डायरी एवं अन्य अभिलेखों का परीक्षण किया। अदालत ने पाया कि एफआईआर और बाद के बयानों में कई महत्वपूर्ण विरोधाभास हैं। न्यायालय ने यह भी उल्लेख किया कि अभियोजन की ओर से आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास प्रस्तुत नहीं किया गया तथा उपलब्ध सामग्री के आधार पर जमानत दिए जाने का पर्याप्त आधार बनता है।

न्यायालय ने आरोपी को निर्देश दिया कि वह किसी भी गवाह को प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेगा, प्रत्येक तिथि पर नियमित रूप से न्यायालय में उपस्थित रहेगा तथा सक्षम न्यायालय की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेगा।

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