✍️✍️ Anticipatory bail granted to the accused in a case of attempt to commit culpable homicide


✍️✍️ गैर इरादतन हत्या के प्रयास के मामले मे आरोपी को अग्रिम जमानत

""खेत की मेड़ पर दीवार निर्माण को लेकर हुआ था विवाद, अपर सत्र न्यायाधीश ने 50-50 हजार रुपये के बंधपत्र पर दी राहत""

वाराणसी जनपद के चोलापुर थाना क्षेत्र में खेत की मेड़ पर दीवार निर्माण को लेकर हुए गैर इरादतन हत्या के प्रयास के चर्चित मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय, वाराणसी से आरोपी सोनू पुत्र स्वर्गीय मुख्तार को बड़ी राहत मिली है। अपर सत्र न्यायाधीश सुश्री संध्या श्रीवास्तव की अदालत ने अग्रिम जमानत प्रार्थना-पत्र स्वीकार करते हुए अभियुक्त को 50-50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र तथा समान धनराशि के दो सक्षम प्रतिभू प्रस्तुत करने की शर्त पर अग्रिम जमानत प्रदान की है।

""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता संजय साहनी, अखिलेश कुमार, डॉ जितेंद्र कुमार यादव व सुशील कुमार ने पक्ष रखा ""

क्या है मामला?

अभियोजन के अनुसार, 9 अक्टूबर 2025 की सुबह लगभग 9 बजे खेत की मेड़ पर दीवार निर्माण को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। आरोप है कि अरुण, गोलू, मन्तू, सोनू, सुरेन्द्र तथा महेन्द्र ने मिलकर वादी राकेश गुप्ता एवं उनके परिजनों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। घटना में विपिन गुप्ता के सिर पर गंभीर चोटें आईं और उन्हें उपचार के लिए पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोलापुर तथा बाद में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल रेफर किया गया। वहीं संतोष गुप्ता को भी चोटें आने का उल्लेख एफआईआर में किया गया है।

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने न्यायालय के समक्ष दलील दी कि आवेदक को पुरानी रंजिश के कारण झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। अधिवक्ता ने बताया कि घटना के समय आवेदक मौके पर मौजूद नहीं था तथा उसका कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि आवेदक ने पहले विपक्षी पक्ष के विरुद्ध थाना चोलापुर में मुकदमा दर्ज कराया था। उसी रंजिश के चलते वर्तमान मुकदमा दर्ज कराया गया है।

दोनों पक्षों की दलीलों एवं अभिलेखों का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली। अदालत ने स्पष्ट किया कि अभियुक्त जांच एवं विचारण में पूरा सहयोग करेगा, गवाहों को प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेगा, प्रत्येक तिथि पर स्वयं अथवा अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थित रहेगा तथा जमानत अवधि में किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में संलिप्त नहीं होगा।

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