✍️✍️ 3 acquitted, murder attempt and gangster case


✍️✍️ 3 दोषमुक्त, जानलेवा हमला और गैंगस्टर का मामला

वाराणसी। जानलेवा हमला और गैंगस्टर एक्ट के मामले में तीन आरोपितों को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) सुशील कुमार खरवार की अदालत ने कोदई चौकी, दशाश्वमेध निवासी भोलू, नायाब व मुकेश कुमार सिन्हा को आरोप सिद्ध न होने पर संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, बृजपाल सिंह यादव 'गुड्डू', आनंद तिवारी पंकज व नरेश यादव ने पक्ष रखा। 

अभियोजन पक्ष के अनुसार वादिनी जहांआरा ने दशाश्वमेध थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि 8 जुलाई 2002 को रात साढ़े 9 बजे अपने घर से दस कदम दूर बाहर मैदान में अपनी 9 साल की बच्ची के साथ बैठी थी। उसी दौरान उसे पीछे से किसी ने गोली मारी। गोली लगते ही वह बेहोश होकर वहीं गिर पड़ी। मौके पर पहुंची पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू किया। विवेचना के दौरान तीनों आरोपितों भोलू, नायाब व मुकेश कुमार सिन्हा का नाम प्रकाश में आया था। इसी बीच पुलिस की छानबीन में पता चला कि तीनों आरोपितों भोलू, नायाब व मुकेश कुमार सिन्हा का अपना एक संगठित गिरोह है। यह लोग अपने और अपने गिरोह के सदस्यों के आर्थिक और भौतिक लाभ के लिए हत्या का प्रयास, लूट, छिनौती समेत विभिन्न आपराधिक मामले जनपद के विभिन्न थानों में दर्ज है। जिसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपितों के खिलाफ जानलेवा हमला और गैंगस्टर एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में दशाश्वमेध थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। अदालत में विचारण के दौरान गवाहों के बयान व साक्ष्यों के अवलोकन के बाद तीनों आरोपितों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।


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