✍️✍️ Case of rape under false pretext of marriage, court grants bail


✍️✍️ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का मामला, कोर्ट ने दी जमानत

वाराणसी। शादी का झांसा देकर युवती से शारीरिक संबंध बनाने के आरोप से जुड़े कैंट थाना क्षेत्र के चर्चित मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, द्रुतगामी प्रथम, वाराणसी कुलदीप सिंह-II की अदालत ने आरोपी वसीम पुत्र मैनूद्दीन उर्फ भोनू की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। अदालत ने उसे एक लाख रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान धनराशि के एक जमानतदार प्रस्तुत करने पर रिहा करने का आदेश दिया है। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता अशोक यादव ने पक्ष रखा। 

अभियोजन के अनुसार, 21 वर्षीय युवती ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि पड़ोस में रहने वाले वसीम से करीब तीन वर्षों से बातचीत थी और उसने शादी का आश्वासन दिया था। आरोप है कि शादी का झांसा देकर आरोपी ने उसे अपने घर बुलाया और शारीरिक संबंध बनाए। बाद में शादी से इनकार करने और धमकी देने का आरोप लगाया गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद आरोप-पत्र न्यायालय में दाखिल किया, जिस पर 8 सितंबर 2026 को संज्ञान लिया गया। आरोपी 24 अगस्त 2026 से जिला कारागार वाराणसी में निरुद्ध बताया गया है।

जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से आरोपी को निर्दोष बताते हुए तर्को को प्रस्तुत किया गया, वही अभियोजन ने अपराध की गंभीरता का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया।

अदालत ने पत्रावली, मेडिकल रिपोर्ट और मामले से संबंधित परिस्थितियों का अवलोकन किया। प्रस्तुत विवरण के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट में किसी आंतरिक अथवा बाह्य चोट तथा शुक्राणु की पुष्टि नहीं हुई। अदालत ने उच्चतम न्यायालय के पूर्व निर्णयों का भी संदर्भ लिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत के स्तर पर मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की जा रही है। उपलब्ध तथ्यों, परिस्थितियों और आरोपी की निरुद्ध अवधि को ध्यान में रखते हुए जमानत स्वीकार की गई।

अदालत ने आरोपी को निर्देश दिया कि वह प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से किसी गवाह को प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेगा। विचारण के दौरान प्रत्येक निर्धारित तिथि पर न्यायालय में उपस्थित रहेगा और अनावश्यक स्थगन की मांग नहीं करेगा। इसके अलावा सक्षम न्यायालय की अनुमति के बिना भारत से बाहर नहीं जाएगा।

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