✍️✍️ गांजा पीने से रोकने पर हुआ खूनी संघर्ष, आरोपी को अग्रिम जमानत
वाराणसी। मण्डुवाडीह थाना क्षेत्र के नाथूपुर, भुलनपुर में गांजा पीने से रोकने को लेकर हुए विवाद, मारपीट, पथराव और घर में तोड़फोड़ के मामले में सत्र न्यायालय के न्यायाधीश संजीव शुक्ला की अदालत ने आरोपी छोटू उर्फ जितेंद्र पुत्र स्व. मुकुंद लाल को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता अखिलेश चंद्रा व सहयोगी अधिवक्ता अनीता पटेल ने पक्ष रखा।
एफआईआर के अनुसार, वादी अरुण कुमार ने आरोप लगाया था कि उसके घर के बगल स्थित खाली प्लाट में कुछ युवक नियमित रूप से गांजा, शराब व अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करते थे। 31 अक्टूबर की रात करीब 8:30 बजे वादी ने मौके पर जाकर गांजा पीने का विरोध किया। आरोप है कि इस पर छोटू, सत्येंद्र, गुड्डू, काजू, लालू समेत अन्य युवक उग्र हो गए और उसके साथ मारपीट करने लगे।
आरोप के मुताबिक, इसके बाद आरोपियों ने अपनी बस्ती से करीब 20 अज्ञात युवकों को बुला लिया। इसके बाद पथराव करते हुए वादी के घर में घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट की गई। घटना में वादी के दाहिने हाथ के मेटाकार्पल में फ्रैक्चर समेत पांच चोटें आने का उल्लेख प्राथमिकी में किया गया।
अभियुक्त की ओर से विद्वान अधिवक्ता ने न्यायालय के समक्ष कई महत्वपूर्ण तर्को को प्रस्तुत किए। वहीं, जिला शासकीय अधिवक्ता ने अग्रिम जमानत का विरोध किया और मामले की गंभीरता को न्यायालय के समक्ष रखा।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने तथा पत्रावली का परिशीलन करने के बाद सत्र न्यायाधीश, वाराणसी आरोपी छोटू उर्फ जितेंद्र की अग्रिम जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। न्यायालय ने उसे ₹50,000 के व्यक्तिगत बंधपत्र तथा समान धनराशि के दो प्रतिभुओं के आधार पर अग्रिम जमानत प्रदान की।
