✍️✍️ Relief for Bolero owner in 88 kg cannabis recovery case; court orders vehicle release


✍️✍️ 88 किलो गांजा बरामदगी मामले में बोलेरो मालिक को राहत, न्यायालय ने वाहन अवमुक्त करने का दिया आदेश

वाराणसी। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 88 किलोग्राम गांजा बरामदगी के मामले में न्यायालय ने बोलेरो वाहन के पंजीकृत स्वामी राजेश मौर्य को राहत देते हुए वाहन सशर्त अवमुक्त करने का आदेश दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश/द्रुतगामी (14वें वित्त आयोग) न्यायालय, वाराणसी ने वाहन को थाने में लंबे समय तक खड़े रहने से उसके क्षतिग्रस्त होने की आशंका को देखते हुए निर्धारित शर्तों के अनुपालन पर उसे स्वामी के सुपुर्द करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने आदेश दिया कि वाहन स्वामी को छह लाख रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र तथा समान धनराशि का एक प्रतिभू प्रस्तुत करना होगा। साथ ही, फोटो और अंडरटेकिंग सहित आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि मुकदमे के दौरान वाहन के रंग-रूप में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा और न ही उसे किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित किया जाएगा। 

न्यायालय या विवेचक द्वारा बुलाए जाने पर वाहन स्वामी को अपने खर्च पर वाहन प्रस्तुत करना होगा। यदि कोई अन्य व्यक्ति वाहन पर स्वामित्व का दावा करता है, तो उसे भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। थानाध्यक्ष लालपुर-पाण्डेयपुर को वाहन के दस्तावेजों का सत्यापन करने, इंजन एवं चेसिस नंबर का मिलान कराने तथा वाहन के किसी अन्य मामले में वांछित न होने की पुष्टि के बाद उसे उचित शिनाख्त पर सुपुर्द करने का निर्देश दिया गया है।

""अदालत मे वाहन स्वामी की ओर से फौजदारी अधिवक्ता देवऋषि सिंह ने पक्ष रखा""

प्रकरण थाना लालपुर-पाण्डेयपुर, वाराणसी में दर्ज एक मुकदमा से संबंधित है। इसमें एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 336(3) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, 15 अप्रैल 2026 को लालपुर-पाण्डेयपुर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए बोलेरो वाहन से 88 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। इस मामले में कपिल देव सिंह को गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस के मुताबिक, पाण्डेयपुर चौराहे पर चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि पहड़िया मंडी के गेट नंबर-एक से सीआरपीएफ कैंप के पीछे जाने वाली सड़क पर एक वाहन में भारी मात्रा में गांजा रखा गया है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और बोलेरो की तलाशी ली।

पुलिस की कार्रवाई के दौरान बोलेरो वाहन के पिछले हिस्से, सीट के नीचे और छत में छिपाकर रखे गए गांजे के कुल 56 पैकेट बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक तराजू से तौलने पर बरामद गांजे का कुल वजन 88 किलोग्राम पाया गया।

जांच के दौरान वाहन पर लगी नंबर प्लेट भी संदिग्ध पाई गई। पुलिस के मुताबिक, वाहन पर लगा नंबर झारखंड में पंजीकृत किसी अन्य वाहन का था, जबकि चेसिस नंबर के आधार पर बोलेरो के पंजीकरण से संबंधित अलग जानकारी सामने आई थी। इसी आधार पर वाहन पर कूटरचित पंजीकरण नंबर के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया।

इस मामले में पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 336(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

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