वाराणसी: न्यायालय प्रभारी सत्र न्यायाधीश किरण पाल सिंह की अदालत ने धोखाधड़ी के मामले में अभियुक्त राजनाथ पुत्र स्वर्गीय रामधारी निवासी ग्राम खान पट्टी थाना बड़ागांव वाराणसी की तृतीय जमानत प्रार्थना पत्र मंजूर करते हुए अभियुक्त को जमानत दे दी।
"बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता श्रीकांत प्रजापति, प्रभु नारायण यादव एवं संजय कुमार विश्वकर्मा ने पक्ष रखा।"
अभियोजन के अनुसार वादिनी महोदरा देवी द्वारा धारा 156 (3) के तहत न्यायालय में वाद दाखिल किया गया कि वादिनी 70 वर्षीय गरीब वृद्ध असहाय विधवा महिला है और उसे एकमात्र पुत्री तारा देवी है जिसकी शादी फूलचंद प्रजापति के साथ पति के जीवन काल में ही हो चुकी है पुत्री तारा देवी उसका पति व उसके लड़के वादिनी के यहां रहकर उसकी सेवा टहल व बीमार होने पर दवाई इलाज समय-समय पर करते रहे। विपक्षी साजिश के तहत वादिनी के वृद्ध बीमार पति को वादिनी के बिना जानकारी के ले जाकर अपनी माता देवराजी देवी के नाम से वादिनी का एक मात्र जमीन अट्ठारह विश्वा का फर्जी तरीके से धोखा व फ्रॉड करके ले लिया उसे उस बैनामा की जानकारी न तो वादिनी को थी और ना ही उसके पति दामाद व पुत्री को थी वादिनी के पति की मृत्यु के बाद नया राशन कार्ड बनवाने के नाम पर विपक्षी राजनाथ पासबुक मांगा और तीन-चार कागजों पर वादिनी का निशान अंगूठा लगा लिया तथा इसी बीच फ्रॉड करके उसने वादिनी के पास बुक से ₹150000 निकाल लिए वादिनी की जमा धनराशि से प्रतिमाह ₹1000 ब्याज वादिनी को मिलता था जिससे उसका खर्च चलता था विपक्षी की निगाह वादिनी के पक्का मकान पर पड़ गया है तथा उसे अकेला पाकर जबरदस्ती वादिनी का एक हाथ से गला दबाकर उसका अंगूठा निशान भी लगा लिया तथा गाली गुप्ता व जान से मारने एवं घर छोड़ने की धमकी देता है।
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