बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महेन्द्र मोहन मिश्र व आलोक पाठक ने पक्ष रखा।
वाराणसी: प्रभारी सत्र न्यायालय के न्यायाधीश देव कान्त शुक्ला की अदालत ने थाना सारनाथ में दर्ज बलात्कार व अप्राकृतिक रूप से यौन संबंध बनाने के मामले में अभियुक्त सुबाष पाल पुत्र भृगुनाथ पाल निवासी ग्राम लेढूपुर थाना सराय जिला वाराणसी को जमानत दे दी। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महेन्द्र मोहन मिश्र व आलोक पाठक ने पक्ष रखा।
👉प्रकरण के अनुसार पीड़िता लगभग 7 वर्ष पूर्व सुबाष पाल नाम के व्यक्ति के यहाँ फर्नीचर खरीदने गई थी। उस समय सुबाष पाल वादिनी को बोला,अपना नम्बर दे दीजिए,जब अच्छा फर्नीचर आयेगा तो मैं आपको फोन करके बता दूंगा। उसके बाद वादिनी को विपक्षी सुबाष पाल द्वारा फोन करके बताया गया कि फर्नीचर आ गया है, वादिनी ने फर्नीचर ले लिया। उसके बाद सुबाष पाल वादिनी को किसी ना किसी बहाने फ़ोन करता रहा और फिर दोनों में मुलाकात होने लगी जो बाद मे प्रेम सम्बन्ध में बदल गया, विपक्षी वादिनी को बोला मैं तुमसे शादी करूंगा और शादी का झांसा देकर 2017 से 2020 तक शारीरिक सम्बन्ध बनाता रहा। जब वादिनी शादी के लिए बोलने लगी तो दिखावे के लिए विन्ध्याचल मंदिर में शादी कर लिया परन्तु शादी के दुसरे दिन ही मारपीट करने लगा व कहने लगा कि तू क्या सोचती है,मैं तुझसे शादी किया हूँ, इस शादी का मेरे लिए कोई मतलब नहीं है और उसके बाद से वादिनी के साथ अप्राकृतिक संबंध बनाता व मारता पिटता रहा,वादिनी को सुबाष दिल्ली ले गया और वहा रोहिणी सेक्टर 11 में रखा था और वादिनी को बोला बहुत तुझे शादी का शौक था और वादिनी का बाल पकड़कर जमीन पर पटका दिया और पलंग से बांध दिया और 2 दिन खाना पानी नही दिया, वादिनी के साथ अप्राकृतिक संबंध बनाया। इसी बीच दिनांक 09/08/2023 को दोपहर 12 बजे सुवाष पाल अपने साथ अखिलेश पाल,प्यारे लाल, विनोद पाल,डा महेन्द्र प्रजापति और सनोज पाल को लेकर आया,सभी मिलकर वादिनी का बाल पकड़कर जमीन पर धकेल दिये और लात-जुता से मारने लगे और मां बहन की भद्दी भद्दी गालियाँ दिये।

