✍️✍️ चाकू से जानलेवा हमले के मामले में आरोपित को मिली जमानत

 

""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव, इंद्रपाल सिंह व अजय पाल ने पक्ष रखा""


वाराणसी: पैसे के लेनदेन के विवाद में युवक पर चाकू से जानलेवा हमला करने के मामले में आरोपित को कोर्ट से राहत मिल गई। प्रभारी जिला जज देवकांत शुक्ला की अदालत ने पाण्डेयघाट, दशाश्वमेध निवासी आरोपित छोटी यादव उर्फ संजीव यादव को एक-एक लाख रुपए की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव, इंद्रपाल सिंह व अजय पाल ने पक्ष रखा।

👉अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा सिद्धार्थ राय ने दशाश्वमेध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि 6 दिसंबर 2023 को दोपहर करीब एक बजे वह घाट पर टहल रहा था। उसी दौरान शरद यादव उसे पैसे के लेन-देन के सम्बन्ध में बातबीत करने के लिए होटल रीवा गेस्ट हाउस, पाण्डेय घाट पर बुलाये। जब वादी अपने परिचित चाचा निमाई चटर्जी को साथ लेकर उसके गेस्ट हाउस पर गया तो उसने वादी के चाचा के साथ गालीगलौज करने लगा। इस जब वादी ने विरोध किया तो वह मारपीट करने लगा। इसके बाद जब वादी अपने घर जाने लगा, तभी शरद यादव और छोटी यादव ने अपने गेस्ट हाउस से 25-30 मीटर की दूरी पर अपने कुछ साथियों के साथ उसे घेर कर जान से मारने की नीयत से वादी के उपर चाकू से प्रहार किया तथा लाठी-डण्डा से मारने-पीटने लगे और जान से मारने की धमकी देने लगे। चाकू के हमले में वादी को बायें तरफ सीने के उपर दो जगह गहरी चोट आई तथा उसके शरीर पर लाठी-डण्डा से भी कई जगह चोट आई। इस मामले में शरद यादव वा छोटी यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि सम्पूर्ण अभियोजन कथानक गलत एवं भ्रामक है, जिस पर कतई विश्वास नहीं किया जा सकता। आरोपित अपने सगे भाई शरद यादव सह आरोपित से अलग रहता है। रीवा गेस्ट हाउस शरद यादव का निवास स्थान है। साथ ही 6 दिसंबर 2023 को सुबह लगभग 8.30 से 9.00 बजे के मध्य सह अभियुक्त शरद यादव के चिल्लाने की आवाज सुनकर आरोपित मौके पर पहुँचा तो देखा कि वादी मुकदमा और निमाई चटर्जी उसके भाई शरद यादव की पिटाई कर रहे थे तथा वादी मुकदमा पिस्टल लहरा रहा था। उपरोक्त घटना की फुटेज सीसीटीवी में रिकार्ड हुई है। वादी मुकदमा को आई सभी चोटें साधारण प्रकृति की है। उसके कब्जे से कुछ भी बरामद नहीं हुआ है और न ही उसका कोई आपराधिक इतिहास है। अदालत ने पत्रावली के अवलोकन के बाद आरोपित को जमानत दे दी।




Post a Comment

Previous Post Next Post