बचाव पक्ष की ओर से अदालत मे वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद गुप्त, अरविंद सिंह, स्वतंत्र कुमार जायसवाल व राजेश कुमार ने पक्ष रखा
Varanasi: अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/ विशेष न्यायालय गैंगस्टर एक्ट के न्यायाधीश देवकांत शुक्ला की अदालत ने अभियुक्त बाबू यादव पुत्र नन्हकु यादव व अवनीश यादव पुत्र बाबू यादव निवासी खजूरी थाना लालपुर जिला वाराणसी को अंतर्गत धारा 147,448,452,427,504,506 व बढ़ोतरी धारा 458 भारतीय दंड संहिता मे जमानत दे दी। बचाव पक्ष की ओर से अदालत मे वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद गुप्त, अरविंद सिंह, स्वतंत्र कुमार जायसवाल व राजेश कुमार ने पक्ष रखा।
अभियोजन कथानक यह है कि घटना का दिनाक -02.03.2023 को समय 6:15 बजे शाम घटना स्थान मन. एस.2/346-1-5 सिकरौल कैंट, वाराणसी में धारा -147,148,149, 452, 332, 353, 427, 448, 395, 504, 506 भा0 द0 स0 व प्रार्थना पत्र अंतर्गत धारा 156 (3) दंड प्रक्रिया संहिता प्रार्थी इमरान कादरी बाबा पुत्र स्व शब्बीर अहमद निवासी म0 न0 एस 6/105 गोलघर कचहरी थाना- कैंट वाराणसी की रहने वाली है। बेला देवी सहित अन्य लोगो के साथ अनधिकृत कब्ज़ा दखल में रही। उक्त भवन के संदर्भ में प्रार्थिनी को पत्नी द्वारा मूलवाद संख्या 694 सन् 2021 भवन पर अपने की घोषणा व उक्त बेला देवी बगैर के निष्कासन एवं निषेध वाद प्रस्तुत किया गया जो माननीय न्यायालय सिविल जज वाराणसी द्वारा डिग्री हुआ और अपने निर्णय व डिग्री में माननीय न्यायालय द्वारा प्रार्थी को पत्नी आफरीन बेगम की संपत्ति घोषित किया गया और बेला देवी को निष्कासित किया जान जाने तथा निषेधगया द्वारा बेला देवी की वाजित किया की भवन पर प्रार्थी की पत्नी के कब्जा दखल में न करे जाने की अवस्था में प्रार्थी की पत्नी आफरीन बेगम द्वारा निष्पादन द्वारा सं0 11 सन 2022 को अमीन अदालत को यह भी निर्देश दिया गया कि यह भवन पर ताला भी बंद पाया जाए तो उसे तोड़कर प्रार्थी की पत्नी का कब्जा दखल कराया दिया जाए अमीन महोदय के मांग पर आदेश दिनांक 22.02.2023 द्वारा भी भवन से बेला देवी या उसके ओर से जो भी व्यक्ति भवन में पाया जाए उसका कब्जा दखल हटाकर डिग्री दार का कब्जा दखल संबंधित न्यायालय के आदेश अनुसार व अमीन के द्वारा समय 1:00 बजे दिनांक 02.03.2023 बेला देवी उसके पुत्र व पुत्रियों को तथा उसकी ओर से भवन में अनाधिकृत रूप से अन्य व्यक्तियों को निष्कासित करके उसे पर साथी की पत्नी का कब्जा दखल कर दिया तथा अमीन महोदय ने कब्जा प्राप्त करने की रसीद/दखल नाम भी प्रार्थी की पत्नी के मुख्तार आम मोहम्मद आसिफ कुरैशी ने लिखवाया कब्जा दखल प्राप्त करके प्रार्थी की पत्नी वी प्रार्थी ने अपना घरेलू सामान भवन में रख दिया और निजी प्रार्थी की और से दो केयरटेकर भी भवन पर कब्जा दिया तो मैंने गेट दरवाजा पर ताला लगवाया तथा जब अमीन भी मौके से चले गए समय लगभग 6.00 बजकर 15 मिनट पर उक्त बेला देवी उसका पुत्र परदेसी, उसकी पुत्री वह बहू और कई महिलाओं लगभग 100 की संख्या में पुरुष और महिलाओं का गिरोद बनाकर प्रार्थी का मुख्य दरवाजे का ताला जबरदस्ती तोड़कर घुस गए तथा तोड़फोड़ और मारपीट व सामान के केस लूट लिए जब केयर टेकर ने विरोध किया तो उसको भी गाली गुप्ता व जान से मरने की धमकी दिया। उक्त बेला देवी व उसके परिवार के लोगों ने अपने अवांछनीय साथियों की मदद लेकर पुन कब्जा कर लिए पुलिस मौके पर थी पुलिस के सामने ही अभियुक्त द्वारा अपराध कार्य किया गया अभियुक्तों की संख्या बल ज्यादा थी तथा जानलेवा हथियार से ली थे जिस कारण से पुलिस मुक दर्शन व खड़ी रही । पुलिस द्वारा अभियुक्त के विरोध कोई कार्य वही वही नहीं की गई तथा प्रार्थी द्वारा न्यायालय में प्रार्थना पत्र 156 (3) भारतीय दंड संहिता दाखिल किया गया और न्यायालय के आदेश पर अभियुक्त आप धारा में पंजीकृत की गई।

