✍️✍️ पैसे के गबन व धोखाधड़ी के मामले में मिली अग्रिम जमानत

 

बचाव पक्ष की ओर से अदालत में अधिवक्ता हरिकेश गुप्ता ने पक्ष रखा

वाराणसी: सत्र न्यायालय के न्यायाधीश अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने मंगलवार को पैसे के गबन व धोखाधड़ी के मामले में  अभियुक्त अपूर्व शंकर तिवारी पुत्र स्व भूपेंद्र शंकर तिवारी निवासी कचनार वाराणसी के द्वारा प्रस्तुत अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र मु.अ.स 66/2021 अंतर्गत धारा 511,406,506,420 भा.द.स को स्वीकार करते हुए पचास हजार रुपए के व्यक्तिगत बंधपत्र व इतनी ही धनराशि के दो प्रतिभू प्रस्तुत किए जाने की दशा में जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। बचाव पक्ष की ओर से अदालत में अधिवक्ता हरिकेश गुप्ता ने पक्ष रखा।

अभियोजन के अनुसार वादी राजीव शंकर तिवारी के द्वारा एक इकरारनामा अपने पिता स्व भूपेंद्र शंकर तिवारी व अपूर्व शंकर तिवारी एवं वादी के बीच हुआ था जिसमें वादी द्वारा मकान सी के 65/501 पियरी कला कबीर रोड वाराणसी के दिनांक 28/09/2020 से पूर्व का संपूर्ण सरकारी बकाया चुकता करने की सहमति दी थी जिसमें विद्युत बिल एवं मकान के टैक्स का जो भी बकाया होगा वादी द्वारा चुकता किया जाएगा वादी के पास उस दौरान पैसा की अनुपलब्धता के कारण वादी द्वारा भारतीय स्टेट बैंक शाखा मलदहिया वाराणसी का एक सादा चेक दिया गया जिसमें दिनांक तथा राशि उल्लेखित नहीं किया गया था। हस्ताक्षर करके दिनांक 28/09/2020 को इकरारनामा के दिन ही अपने पिता व अपूर्व शंकर तिवारी को दिया था। तत्पश्चात दिनांक 13/04/2021 को वादी के पिता की मृत्यु हो गई। वादी के पिता की मृत्यु के पश्चात वादी के भाई अपूर्व शंकर तिवारी की नियत खराब हो गई तथा वादी द्वारा पूर्व में दिए गए चेक का अनावश्यक रूप से दुरुपयोग करने की धमकी देने लगा तथा कहने लगा कि तुमसे मनमाना पैसा वसूलूंगा तथा धमकी देने लगा कि यदि तुम पांच लाख रुपया मेरे खाते में नहीं डालोगे तो तुम्हारा जीवन कचहरी में दौड़ा-दौड़ा कर बर्बाद कर दूंगा। अपूर्व शंकर तिवारी दिए गए चेक पर जिस पर वादी का हस्ताक्षर है जिस पर वादी द्वारा दिनांक तथा राशि भी नहीं भरा गया था का दुरुपयोग कर रहा है तथा झूठे मुकदमे में फसाने की धमकी दे रहा है तथा अपूर्व शंकर तिवारी द्वारा एक बार चेक का दुरुपयोग करके बैंक से पैसा निकालने का प्रयास किया जा चुका है लेकिन बैंक द्वारा उस चेक की धनराशि का भुगतान नहीं किया गया तथा पाँच लाख रुपये नहीं देने पर अपूर्व शंकर तिवारी तथा उसके दो मित्र जिसको देखकर पहचाना जा सकता है वादी को जान से मारने की धमकी देने लगे।




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