वाराणसी: अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने लाखो रुपए के गबन के आरोपियों को बाइज्जत बरी कर किया।
""अभियुक्तों के ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शशिकांत दूबे एवं सहयोगी अधिवक्ता आलोक सौरभ पाण्डेय एवं अंकित ने पक्ष रखा""
वादी द्वारा दर्ज प्राथमिकी में ये बताया गया था की पहले इन्वेस्टमेंट के नाम पर पैसा लिया गया और बाद में गबन कर लिया गया,मांगने पर मारपीट किया गया, जिसको लेकर प्रार्थी द्वारा प्राथमिकी दर्ज करवाया गया जिसके बाद आरोप पत्र पुलिस द्वारा न्यायालय में दाखिल किया गया,जबकि बचाव पक्ष के विद्वान अधिवक्ता द्वारा तर्क दिया गया की अभियोजन पक्ष के अनुसार ऐसा किसी भी प्रकार की घटना कारित नही हुई। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत किए हुए दस्तावेज और अधिवक्ताओं द्वारा किए गए बहस व पत्रावली का अवलोकन कर माननीय न्यायालय द्वारा अभियुक्तों को बाइज्जत बरी कर दिया गया।
