✍️✍️ आतंकी हमले के 17 साल पूर्ण,अधिवक्ताओं ने मनाई बरसी

 


वाराणसी: सीरियल ब्लास्ट के 17 साल पूरे होने पर कलेक्ट्रेट व दीवानी परिसर में अधिवक्ताओं ने आतंकी हमले में शहीद हुए अधिवक्ताओ के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित कर कैंडल जलाकर शोक सभा किया।



👉 बता दें कि 23 नवंबर 2007 के दिन प्रदेश की तीन कचहरी परिसर में बम धमाकों की वजह से जान गंवाने वालों को आज श्रद्धांजलि दी गई। फैजाबाद, लखनऊ के साथ ही वाराणसी की कचहरी में हुए बम विस्फोट की बरसी पर वाराणसी की कचहरी परिसर में भी शनिवार को अधिवक्ताओं ने श्रद्धांजलि दी। वहीं कचहरी बम धमाके की 17 वीं बरसी पर अधिवक्ताओं ने श्रद्धांजलि के साथ ही परिसर की सुरक्षा की मांग भी उठाई है। 23 नवंबर 2007 को लखनऊ और अयोध्या सहित वाराणसी की कचहरी परिसर में सीरियल ब्लास्ट में काशी में तीन वकील समेत कुल नौ लोगों की वारदात में जान चली गई थी। वहीं इसी हादसे में 50 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। दीवानी कचहरी परिसर का माहौल अन्य दिनों की भांति ही 23 नवंबर 2007 को भी सामान्य था। पूर्व विधायक अजय राय अपने बड़े भाई की हत्या के मामले में गवाही देने के लिए कचहरी पहुंचे थे। इसी दौरान दोपहर में लगातार दो धमाके हुए तो लोगों को लगा कि अजय राय पर हमला किया गया है। हालांकि, थोड़ी ही देर में पता लगा कि कचहरी में आतंकी हमला हुआ है और नौ लोगों की जान चली गई है। इस धमाके में एटीएस ने तफ्तीश शुरू की तो सामने आया कि दीवानी कचहरी में मुख्तार उर्फ राजू और सज्जाद ने साइकिल में टिफिन बम को प्लांट किया था। इसके लिए आतंकी कश्मीर से जौनपुर आए थे। आतंकियों को शरण देने के आरोप में जौनपुर निवासी अब्दुल खालिद को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, आजमगढ़ निवासी हकीम उर्फ तारिक उर्फ कासिम को आतंकी घटना की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। कचहरी में सीरियल ब्लास्ट की घटना में 10 आतंकियों के नाम सामने आए थे। इनमें से आतंकी संगठन हूजी के कमांडर हम्मास को एटीएस और कश्मीर पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था।

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