✍️✍️ अमानत में खयानत का मामला, अभियुक्त को मिली अग्रिम जमानत

 

वाराणसी: सत्र न्यायालय के न्यायाधीश थाना कैंट में दर्ज आपराधिक विश्वासघात के एक मामले में अभियुक्त मोहम्मद सेराज अहमद पुत्र स्वर्गीय हबीब अशरफ निवासी सुधाकर रोड खजूरी थाना लालपुर पांडेयपुर जिला वाराणसी की ओर से प्रस्तुत अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए अग्रिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

""बचाव पक्ष की ओर से अदालत में अधिवक्ता जुनैद जाफरी ने पक्ष रखा""

👉 अभियोजन के अनुसार वादी केशव प्रसाद उपाध्याय के पक्ष में मोहम्मद सेराज अपने मकान में ऊपर एक दुकान को बनवाकर देने हेतु तय किया तथा लीज विलेख दिनांक 01-07-2020 को बही नं 1 जिल्द सं०-3792 पृष्ठ सं0-35 से 58 तक दस्तावेज सं0-664 से वादी से पगड़ी (अग्रिम धनराशि) के रूप में मु-4,00,000/- रूपया तय करके वादी के पक्ष में कचहरी रजिस्ट्री ऑफिस में निष्पादित किया। वादी ने मु-4,00,000/- रूपया मोहमद शेराज को जरिये चेक सं0-036434 यूनियन बैंक शाखा पाण्डेयपुर वाराणसी से अदा किया। उक्त लीज विलेख निष्पादित होते समय दुकान निर्मित नहीं थी। सेराज अहमद ने यह वादा किया कि दो माह में दुकान को निर्मित कराकर वादी को कब्जा दे देगा इसलिए लीज विलेख में किरायेदारी रकम दिनांक-01-09-2020 से प्रारम्भ होने की बात लिखी गयी है। चूँकि दिनांक 01-09-2020 का समय बीत जाने के बाद भी विपक्षी सेराज ने दुकान निर्मित नहीं कराया और न ही वादी को कब्जा दिया और उसके साथ धोखाधड़ी करके उसका मु० 4,00,000/- हड़प लिया। वादी लाचार होकर मोहम्मद शरीफ को दिनाक 09-09-2020 को नोटिस दिया कि आप द्वारा दुकान निर्माण कराकर मुझे आज तक कब्जा नहीं दिया गया इसलिये आप मेरा मु0-4,00,000/- रूपया बापस करके लीज डीड निरस्त करा देवे किन्तु मोहम्मद सेराज ने न तो वादी का मु० 4,00,000/- रूपया वापस किया और न ही लीज डीड को कैन्सिल कराया। उसने गुमराह करके दिनांक 15-09-2020 को एक सूचना दिया कि पट्टा की शतर्तों के अनुसार दुकान पूर्ण रूप से तैयार है जबकि मोहम्मद सेराज द्वारा आज तक दुकान का निर्माण नहीं कराया गया और न ही कब्जा दिया गया। वादी बार-बार मोहम्मद सेराज से अनुनय-विनय कर रहा है कि बादी का मु0-4,00,000/- रूपया वापस करके लीज डीड निरस्त करा दे किन्तु उसकी नियत खराब होने के कारण मोहम्मद सेराज व उसके और दो-तीन साथी खजुरी तिराहे पर दिनांक 30-12-2020 को समय करीब 04.30 बजे वादी व उसकी बहू व लड़के को रोक कर गाली-गुप्ता देने लगे और कहने लगे कि साले माधरचोद, तुम्हे न तो तुम्हारा पैसा वापस करेगे और न ही तुम्हें दुकान देंगे बल्कि गोली मारकर खत्म कर देंगे।

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