✍️✍️ लैंगिक अपराध के मामले में दो अभियुक्तों की जमानत मंजूर

 

वाराणसी: मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार द्वितीय की अदालत ने थाना कैंट में दर्ज लैंगिक अपराध के एक मामले में अभियुक्तगण धर्मेंद्र पटेल व जितेंद्र पटेल की ओर से प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। 

""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता जुनैद जाफरी ने पक्ष रखा""

👉 अभियुक्तगण के विद्वान अधिवक्ता द्वारा अदालत में तर्क दिया गया कि अभियुक्तगण मोहल्ले के सम्मानित सामाजिक व संभ्रांत व्यक्ति है, वादी मुकदमा ने माननीय में 156(3) सीआरपीसी के जरिए अभियुक्तगण के विरोध मुकदमा पंजीकृत कराया है। माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 26 जुलाई 2016 आदेश पारित किया गया है अभियुक्तगण ने कोई अपराध नहीं किया है किसी को नहीं गाली दी है और ना ही किसी का लज्जा भंग किया है और न हीं पैसा छीना है। आरोप गलत है, प्रार्थी निर्दोष है।

👉 बता दें कि पीड़ित द्वारा प्रार्थना पत्र अन्तर्गत धारा 156 (3) दं0प्र0सं0 माननीय न्यायालय में दाखिल किया गया था जिस पर संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी, पीड़ित द्वारा प्रार्थना पत्र में कहा गया कि प्रार्थी राजेश पटेल की जमीन बेलवा बाबा सब्जी मण्डी के सामने है उक्त जमीन मेरे पिता के नाम है जिसका रकबा कुल डेढ बिस्वा है प्रार्थी तीन भाई है तथा अपने हिस्से में पिता व भाई के सहमति से मकान बनवा रहा था वहीं पर सामने ब्रेड व चाय आदि की दुकान है मां अपनी पत्नी निर्मला देवी व विकलांग भाई अजीत पटेल के साथ अपनी जमीन जहां मकान बनवा रहा था उसी जगह दिनांक 12.05.16 को 08.00 बजे राजगीर मिस्त्री श्री मुबारक पुत्र स्व० मोहम्मद ईस्लाम निवासी लमही के साथ पहुंच गया था चूंकि मेरा भाई विकलांग है और प्रार्थी तथा प्रार्थी की पत्नी अपना मकान बनवाने में लेबर का काम करते है इस कारण अपने भाई को सीमेन्ट, बालू सरिया और राजगीर मिस्त्री को देने हेतु 20,000/- रू0 सुरक्षित रखने के लिये दिया था करीब 08.30 बजे सुबह मेरे गांव के धर्मेन्द्र पटेल, जितेन्द्र पटेल, सिकन्दर पटेल और उनके पिता रामसमुझ पटेल जो लेबर का काम करते है और अपनी साईकिल खड़ी करके वही पर चाय नाश्ता करने लगे इतने में ही मेरा बालू लदा ट्रैक्टर जिसमें मोरंन बालू लदा था आया रास्ते में उपरोक्त चारों मुल्जिमान की साईकिल खड़ी थी जिसके कारण ट्रैक्टर वहीं रोक दिया मैने उन लोगो से कहा कि आप लोग अपनी साईकिल हटा ले तो मेरा ट्रैक्टर आगे आ कर बन रहे मकान के पास आकर बालू गिरा सके इस पर वे चारो लोग नाराज हो गये और कहे कि जहां साइकिल खडा किये है वे तुम्हारे बाप की जगह है साईकिल नहीं हटेगी तुम लोग बालू सर से ढोकर ले जाओं मैने कहा कि भईयां मेरे बाप की जमीन नहीं है लेकिन सार्वजनिक रास्ता है, साईकिल हटा लिजिए इस पर चारों मुल्जिमान माधरचोर बहनचोद की भद्दी भद्दी गालियां देते हुए मुझे वहीं पड़े डण्डो में सो डण्डा उठाकर मुझे मारने लगे यह देखकर मेरी पत्नी भी आ गयी और मुझे बचाने लगी तो चारो मुल्जिमान ने मेरी पत्नी को भी डण्डे से मारे-पीटे और अपमानित व बेईज्जत किये तथा ब्लाउज फाड दिये चारों मुल्जिमान के मारने से मुझे और मेरी पत्नी को काफी चोटे आई और चेहरे तथा सिर से खून बहने लगा, मेरे विकलांग भाई भी जो खड़े होकर चल नहीं सकता लेकिन बैठे ही बैठे घीसकर चल लेता है भी हल्ला करते हुए बचाओं-बचाओं करते हुए मौके पर गया था तो उसे रामसमुझ ने अपने पैरों से मारा जिससे वह वहीं गिर गया और उसके पहने हुए शर्ट के उपरी पाकिट में रक्खा 20,000/- रू0 जो मैंने उसे रखने को दिया हुआ था निकल कर गिर गया जिसे उपरोक्त चारों मुल्जिमानो ने बलपूर्वक छीन लिया रामसमुझ मेरे भाई अजीत के पैर से मारते समय लडखडाकर वहीं जमीन पर गिर गया जिससे उनका सिर ईट से टकराया जिससे उनकों भी चोट आ गयी मैं मेरे भाई और पत्नी ने उपरोक्त मुल्जिमान से अपने 20,000/- रू0 को कई बार बापस मांगा लेकिन वे लोग रूपया नहीं दिये और जबरदस्ती रूपया लेकर चारों मुल्जिमान वहां से अपने-अपने साईकिल से माधरचोद बहनचोद की गाली देते हुए व जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गये तथा यह भी कहें कि अगर थाने रिपोर्ट लिखवाने गये तो तुमको रास्ते में और मारेंगे तुम लोगों की जान भी ले लेंगे मुल्जिमान द्वारा इस तरह की उपरोक्त घटना किये जाने के कारण हम लोग बुरी तरह डर गये थे प्रार्थी व प्रार्थी के पत्नी निर्मला देवी के चोटों का ईलाज पं० दीनदयाल उपध्याय राजकीय चिकित्सालय में हुआ उपरोक्त घटना को मेरा मकान बनाने वाला मिस्त्री मुबारक एवं चाय की दुकान वाले ने भी देखा और बीच-बचाव किया हम लोग पं0 दीनदयाल राजकीय चिकित्सालय से होकर थाने रिपोर्ट करने जा रहे थे, लेकिन थाने के रास्ते में धर्मेन्द्र, सिकन्दर खडे हुए दिखाई दिये इस कारण भयवश थाने नही गया दिनांक 12.05.2016 ई0 को श्रीमान् वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाराणसी को जरिये रजिस्टर्ड डाक घटना की सूचना दिया तथा थाना कैण्ट जाकर उसी दिन घटना की सूचना दिया दिनांक 13.05.2016 ई0 को श्रीमान् वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाराणसी से व्यक्तिगत रूप से मिलकर घटना की सूचना दिया ।

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