वाराणसी: सत्र न्यायालय के न्यायाधीश संजीव पांडेय कि अदालत ने थाना सारनाथ में दर्ज दहेज हत्या के एक मामले में अभियुक्तगण नागेसरी देवी पत्नी सीताराम यादव व सीताराम यादव पुत्र स्व० बैजू यादव निवासीगण ग्राम खालिसपुर, थाना सारनाथ, जिला वाराणसी कि ओर से प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया।
""अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध जिला शासकीय फौजदारी अधिवक्ता मुनीम सिंह चौहान ने किया""
👉 संक्षेप में अभियोजन कथानक इस प्रकार है कि वादी सुरेश यादव द्वारा इस आशय की प्राथमिकी थाना सारनाथ पर दर्ज करायी गयी कि उसने अपनी पुत्री आंचल यादव का विवाह खालिसुपर में बिजली विभाग में जूनियर असिस्टेंट पद पर कार्यरत राधेश्याम यादव के साथ, पति, सास, ससुर, जेठ राजेश व संतोष व उनकी पत्नियों की मांग पर 15 लाख दहेज, समस्त फर्नीचर व इलेक्ट्रिनिक सामान गहने देकर 09-07-2024 को किया था। शादी के तुरन्त बाद से ही बिटिया के ससुरालजनो पति समेत व्यवहार उचित नहीं था। निरन्तर प्रताडित किया जाना प्रारम्भ कर दिया गया। समय-समय पर 5 लाख (पाँच लाख) और दहेज के रूप में मांग करते थे जिसमें पति राधेश्याम भी था जिस पर वादी और उसके बेटे रवि ने बिटिया के पति और उसके सास-ससूर, जेठ संन्तोष, राजेश को समझाया कि मेरी इतनी हैसियत नहीं है जिसपर इन लोगो द्वारा बेटी को ऐसे ही प्रताड़ित करते रहने की बात कहते थे। उसकी बेटी द्वारा और दहेज देने में असमर्थता जताने पर उसका पति भी मारपीट करता था। बिटिया काफी डरी हुई थी और कई बार अपनी माँ और बहन से घर आने को कहती थी जिस पर वादी ने समझाया था कि बेटी समय के साथ सब सही हो जायेगा। दिनांक 22-11-2014 को लगभग दो बजे खालिसपुर गाँव के किसी व्यक्ति ने फोन पर अनहोनी की आशंका बताई जिस पर वादी भागा भागा आया क्योंकि वादी की पत्नी और बेटे से सुबह से बेटी से बात करने के प्रयास पर भी बात नही हो पा रही थी जब वादी बिटिया के घर पहुंचा तो उसकी बेटी बेड पर मृत पड़ी थी। उपर पंखे पर साल लगी हुई थी। वादी की बेटी को उसके पति, सास ससुर व जेठ राजेश, सन्तोष व उनकी पत्नियां पहली बार से ही प्रताड़ित कर रहे थे। दहेज मांगते थे और अब जान से मार दिया।
