वाराणसी। मकान पर कब्जा करने की नियत से मकान का ताला तोड़ने का विरोध करने पर प्राणघातक हमला करने के मामले में आरोपित को राहत मिल गई। अपर जिला जज (पंचम) यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत ने अगस्तकुंडा, दशाश्वमेध निवासी आरोपित बबलू यादव को एक-एक लाख रुपए की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव व अजय पाल ने पक्ष रखा""
👉 अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा अवधेश जायसवाल ने चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि चार मार्च 2025 को समय लगभग 11:30 बजे जब वादी अपने मकान पर गया तो देखा कि शिवदयाल व बब्लू एवं बब्लू के पुत्र सागर व गौरव यादव के साथ 2-3 अज्ञात लोग वादी के मकान पर कब्जा करने की नियत से उसके मकान का ताला हथौड़ी से तोड़ रहे थे। इस पर वादी व सूरज जायसवाल ने उक्त लोगो को ताला तोड़ने से मना किया, तब उक्त सभी लोग प्रार्थी व सूरज जायसवाल को भद्दी-भद्दी गाली देने लगे। इतने में शिवदयाल व बब्लू ने हथौड़ी से प्रार्थी व प्रार्थी के मित्र सूरज के उपर जानलेवा हमला कर दिया। जिससे सूरज का सिर फट गया और वह वहीं बेहोश हो गया। उसके बाद उक्त सभी लोग प्रार्थी को भी लात-मुक्का से मारने-पीटने लगे। जब शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो सभी हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए कहे कि मकान छोड़कर भाग जाओ, नही तो जान से मार देगे। इस मामले में चौक पुलिस ने शिवदयाल, बब्लू व उसके पुत्रों सागर एवं गौरव समेत 2-3 अज्ञात लोगो के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
