वाराणसी। पुरानी रंजिश को लेकर पूर्व सभासद पर प्राणघातक हमला करने के मामले में पिता-पुत्र को कोर्ट से राहत मिल गई। जिला जज संजीव पाण्डेय की अदालत ने काशीपुरा, चौक निवासी अरुण केशरी व उसके पुत्र शिव केशरी को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने की दशा में 50-50 हजार रुपए की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव व रोहित यादव ने पक्ष रखा""
👉 अभियोजन पक्ष के अनुसार काशीपुरा, चौक निवासिनी ममता केशरी ने चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि 21 मार्च 2025 को शाम करीब 5.50 बजे उसके पति अम्बरीष केशरी मन्दिर में दर्शन के लिये जा रहे थे। उसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते पहले से घात लगाए अरूण केशरी, उसके पुत्र शिव केशरी व दो-तीन अन्य लोग राड, डण्डे से उसके पति पर प्राणघातक हमला कर दिये। पति के चिल्लाने की आवाज सुनकर वादिनी और उसकी बेटी दौड़कर नीचे आयी तो हमलावर राड, डण्डे से उसके पति की पिटाई कर रहे थे। उनलोगों ने बीच बचाव का प्रयास किया तो हमलावर उन लोगों के साथ भी बदतमीजी करते हुए गालीगलौज देने लगे। इस हमले से वादिनी के पति नीचे गिरकर बेहोश हो गये। किसी तरह वादिनी ने पानी छिड़क कर उन्हें होश में लाया और तत्काल घटना की सूचना पुलिस को फोन कर दी। इस बीच पति के गले में पड़ी सोने की चेन हमलावर उठाकर वहां से भाग गये। बाद में वादिनी ने आसपास के लोगों की मदद से पति को घायल अवस्था में थाने लाया गया। जिसके बाद पुलिस इलाज के लिये उन्हें शिवप्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल ले गयी, जहां उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। जहां उनका उपचार हुआ और उसके बाद उनकी जान बची।
