वाराणसी: विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह कि अदालत ने थाना सिगरा में दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले में आरोपी मंजू देवी व प्रमोद कुमार की ओर से प्रस्तुत अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया।
""अभियोजन की ओर से अदालत में अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध सहायक जिला शासकीय फौजदारी अधिवक्ता रोहित मौर्य ने किया""
👉 अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा विनय द्विवेदी हिंदूजा हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के अधिकारी द्वारा इस आशय का प्रार्थना पत्र दिया गया कि अवनीश त्रिपाठी, मंजू देवी, प्रमोद कुमार व हिंदूजा फाइनेंस हाउसिंग फाइनेंस के दो तीन अधिकारी और कर्मचारियों ने मिलकर आराजी नंबर 138 मौजा रहीमपुर और दुल्हीपुर चंदौली निर्मित मकान जो गौरव जायसवाल का था, उसको अश्वनी त्रिपाठी अपना बना कर हिंदूजा फाइनेंस से 20 लाख 90 हजार रुपए का लोन ले लिया और कोई भी पैसा मंजू देवी, प्रमोद कुमार व अन्य द्वारा जमा नहीं किया गया। जांच में यह पता चला कि यह मकान गौरव जायसवाल का है, इन लोगों ने फर्जी कागजात आदि बनाकर और फर्जी कागज तैयार कराकर बैंक से लोन ले लिया है। इसके बाबत विनय द्विवेदी द्वारा अवनीश त्रिपाठी, मंजू देवी, प्रमोद कुमार व हिंदूजा फाइनेंस हाउसिंग लिमिटेड के अधिकारी के विरुद्ध मुकदमा कायम कराया गया।
