वाराणसी: जिला अपर एवं सत्र न्यायाधीश/द्रुतगामी न्यायालय-1 की अदालत ने पत्नी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में पति विष्णु जायसवाल एवं सास उर्मिला देवी को दोषी करार देते हुए आरोपीयों को 5 वर्ष का सक्षम कारावास एवं 10,000/-रूपये के जुर्माने से दण्डित किया।
""वादिनी की तरफ से अधिवक्ता अवधेश कुमार सिंह , गौतम कुमार सिंह व कांता नाथ कुशवाहा ने अपना पक्ष मय साक्ष्य अदालत के समक्ष जोरदार ढंग से प्रस्तुत किया""
👉 अभियोजन के अनुसार वर्ष 2018 में कुसुम देवी के द्वारा थाना आदमपुर में मुकदमा पंजीकृत कराया गया कि मेरी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित करके मेरी बेटी को उसके सास एवं पति द्वारा फांसी लगाकर हत्या कर दिया गया था, जिस सम्बन्ध में थाना आदमपुर में 304बी, 498ए, 323, 504, 506, 3/4 डी0पी0 एक्ट का मुकदमा पंजीकृत हुआ था तथा विवेचना के उपरान्त धारा- 304बी विलोपित कर 306 में चार्जशीट भेजी गयी थी, जिस पर न्यायालय के द्वारा बाद में वादी मुकदमा के बयान पर वैकल्पिक धारा- 304बी का भी आरोप बनाया गया था तथा न्यायालय में कुल 5 गवाहों का बयान दर्ज हुआ, जिसमें न्यायालय द्वारा गवाहों के बयान एवं साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को सजा सुनाई ।
