वाराणसी: विशेष न्यायालय (आवश्यक वस्तु अधिनियम) के न्यायाधीश सुधाकर राय की अदालत ने थाना जंसा में दर्ज महिला से क्रूरता कर आत्महत्या के लिए उकसाने के एक मामले में ग्राम हरसोस थाना जंसा निवासी अभियुक्ता रेशमा (जेठानी) पत्नी विनोद पटेल की ओर से प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता डी.के. पाल व सलाहुद्दीन ने पक्ष रखा""
👉 अभियोजन कथानक के अनुसार वादी कमलेश कुमार पटेल पुत्र अंगद प्रसाद ग्राम हाथी (भदयां) थाना जन्सा ने थाने में तहरीर दिया कि उसकी बड़ी बहन मीनू देवी जिसकी शादी ग्राम हरसोस के विकास पटेल से लगभग 3 वर्ष पूर्व हुआ था। जिसको चार पाँच दिन पूर्व से ससुर बोटी पुत्र स्व० समरजीत सास सुदामा देवी पत्नी बोदी जेठानी रेशमा पत्नी विनोद पटेल व पति विकास पटेल द्वारा बराबर प्रताड़ित किया जा रहा था। जिससे क्षुब्ध होकर व परेशान होकर बहन मीनू द्वारा पति विकास को फोन पर बताया कि हमें घर से बाहर निकाल कर हमे धक्का मार के घर में ताला लगा दी, हम अपने दो छोटे बच्चों को लेकर कहाँ जाये तभी मेरे बहनोई विकास द्वारा जो इस समय सुरत में है उनके द्वारा फोन से यहां उसे नहीं रहना है जहाँ जाना है जाओ या कहीं जाकर जान दे दो हमसे कहा गया कि तुम्हें घर में नहीं और हमारे परिवार से कोई मतलब नहीं है। इसी बात से परेशान होकर हमारे फोन पर सुबह लगभग 11.00 बजे के समय बताया तो हमलोग द्वारा कहा गया कि हमलोग अभी आ रहे हैं। कुछ देर बाद मुझे पता चला की कोई महिला व दो बच्चे ट्रेन से नगईपुर के पास ट्रेन से कट गया है। तो हम रास्ते में से सीधे नगईपुर (बसन्तपुर) पहुँचा तो देखा की मेरी बहन व भॉन्जे है। तो मेरे द्वारा स्थानीय थाने पर सुचना दिया गया व घरवालों को सुचना दिया गया।
