""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रभु नारायण यादव व संजय कुमार विश्वकर्मा ने पैरवी की""
👉 प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने थाना सारनाथ में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उसका विवाह दिनांक 1 मई 2019 को विकेश कुमार पुत्र दिलीप कुमार निवासी भिमनगर, सिकरौल, थाना कैंट, वाराणसी से हिन्दू रीति-रिवाज से संपन्न हुआ था। विवाह के पश्चात कुछ ही दिनों में ससुराल पक्ष द्वारा विभिन्न प्रकार से दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किया जाने लगा।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसका पति गांजा पीकर आए दिन उससे मारपीट करता था। विरोध करने पर उसकी सास दरवाजा बाहर से बंद कर देती थी और कहती थी, "जब तक पांच हजार रुपये नहीं लाओगी, तब तक इसी तरह मार खाते रहो।" साथ ही पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके ससुर ने भी कई बार उसके साथ बदसलूकी करने का प्रयास किया।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि 29 अप्रैल 2024 को ससुराल पक्ष के सभी लोगों ने मिलकर उसकी पिटाई की और सास ने बाल पकड़कर उसे घर से बाहर सड़क पर धक्का दे दिया, यह कहते हुए कि "जब तक पांच हजार रुपये लेकर नहीं आओगी, इस घर में कदम मत रखना।"
इस मामले में पुलिस ने भादंवि की धारा 498A, 323, 504, 506 एवं 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया था।
