""अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता श्याम सुंदर चौरसिया और अविरेंद्र सिंह ने अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया, जिसके आधार पर अदालत ने याचिका निरस्त कर दी""
प्रकरण थाना चितईपुर क्षेत्र का है, जहां वादिनी आकृति चौरसिया द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर श्रेयांश जायसवाल सहित दो अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 406, 504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। वादिनी ने आरोप लगाया कि नवंबर 2022 में महक जायसवाल के माध्यम से उसकी मुलाकात श्रेयांश से हुई थी। धीरे-धीरे दोस्ती बढ़ी और श्रेयांश ने दिसंबर 2022 में एक सेकेंड हैंड कार खरीदने के नाम पर 2.20 लाख रुपये मांगे।
वादिनी ने एसएसएस जेडआई कार सेंटर, करोल बाग, नई दिल्ली के खाते में रकम ट्रांसफर कर दी, जिसके बाद श्रेयांश ने DL7CF7770 नंबर की होंडा कार खरीदी। पैसे वापस मांगने पर आरोपी पक्ष ने ना सिर्फ रकम लौटाने से इनकार किया, बल्कि धमकी और अपशब्दों का सहारा लिया। मई 2023 में कार बेच दी गई और रकम भी हड़प ली गई।
