✍️✍️ दलित उत्पीड़न और मारपीट के मामले में मिली जमानत


वाराणसीपुरानी रंजिश को लेकर दलित को मारपीटकर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में दो महिला आरोपितों को कोर्ट से राहत मिल गई। विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) देवकांत शुक्ला की अदालत ने फूलपुर निवासी मुकना देवी व सुमेरी देवी को 25-25 हजार रुपए की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। 

""अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, संदीप यादव व मुकेश सिंह ने पक्ष रखा""

अभियोजन पक्ष के अनुसार फूलपुर निवासिनी निर्मला देवी ने फूलपुर थाने में 8 जुलाई 2024 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसके पड़ोस में रहने वाले सुभाष यादव, फौजदार, हिमांशु यादव, निर्मला देवी, मकुना देवी, सुमेरी देवी एवं पारा देवी, रणजीत यादव एवं इनके घर की महिलाएं मेरे घर पर चढ़कर दलित शब्दों का प्रयोग करते हुए गालियां देते है। साथ ही सभी आएदिन घर की चहारदीवारी के अन्दर खेत की सारी गन्दगी फेंक देते है। जब हम लोग इसका विरोध करते है तो वे लोग जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए घर में घुसकर घर की महिलाओं और पुरुषों को बुरी तरह से मारपीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिए। साथ ही धमकी दिए कि तुम लोग नीच जाति के हो, यहां से मारकर भगा देंगे और तुम लोग इसी तरह गन्दी नाली का कचरा एवं मैला साफ करोगे। आज वहां घर बनाकर बड़ी जाति के नहीं हो जाओगे। नीच जाति के ही रहोगे और हमेशा रहोगे। इस सन्दर्भ में साक्ष्य के रूप में विडियो एवं फुटेज है। वादिनी की तहरीर पर सभी के खिलाफ फूलपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया गया था।

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