""चिकित्सक की ओर से अधिवक्ता राहुल श्रीवास्तव ने पक्ष रखा और दस्तावेजों के आधार पर आरोपों का खंडन किया""
👉 प्रार्थी अनिल कुमार ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएनएस) की धारा 173(4) के तहत अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल करते हुए आरोप लगाया था कि उसके भाई आलोक कुमार को 29 मई 2023 को पांडेयपुर स्थित मानसिक चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। उसका इलाज डॉ. अरविंद कुमार सिंह एवं अन्य कर्मचारियों की देखरेख में चल रहा था। लेकिन 9 जून 2023 को उसकी मृत्यु हो गई, जिसकी सूचना उसे लगभग 15 घंटे बाद दी गई। जब वह अस्पताल पहुंचा तो शव से दुर्गंध आ रही थी, जबकि सभी मेडिकल रिपोर्ट सामान्य थीं। उसे शंका थी कि मृत्यु चिकित्सकीय लापरवाही का परिणाम है।
इस मामले में अनिल कुमार ने कैंट थाने और अन्य उच्च पुलिस अधिकारियों से शिकायत की थी, परन्तु जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
मगर अदालत ने यह कहते हुए प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया कि केवल शंका और संभावनाओं के आधार पर विवेचना का आदेश नहीं दिया जा सकता।
