""अभियुक्तों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय चौबे, आशीष श्रीवास्तव, रितेश श्रीवास्तव "विक्की" व परमेश्वर मौर्य ने पैरवी की""
👉 अभियोजन के अनुसार चोरी की यह वारदात 19 मई 2025 को तुलसी घाट स्थित महंत के आवास पर हुई थी, जहां से लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और नकद गायब हो गए थे। बाद में पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर छह लोगों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी का सामान बरामद करने का दावा किया था।
👉 हालांकि, बचाव पक्ष का तर्क था कि अभियुक्तों को झूठे तरीके से फंसाया गया है, एफआईआर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ थी और अभियुक्तों को फर्जी ढंग से गिरफ्तार कर मनगढ़ंत बरामदगी दिखाई गई। पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई में न तो स्वतंत्र साक्ष्य हैं, न कोई प्रत्यक्षदर्शी।
👉 अदालत ने मामले के तथ्यों, सह अभियुक्त को पहले दी गई जमानत और अभियुक्तों की स्थायी निवास स्थिति को ध्यान में रखते हुए तीनों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
